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इशाक डार
तालिबान से जंग की शुरुआत के बाद पाकिस्तान ने सऊदी अरब से संपर्क किया है. पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मामलों के प्रभारी इशाक डार ने सऊदी के विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत की है. सऊदी विदेश मंत्रालय के अनुसार, क्षेत्र में तनाव को कम करने का प्रयास हो रहा है. सऊदी और पाकिस्तान एक दूसरे के रक्षा सहयोगी हैं. ऐसे में फोन कॉल को काफी अहम माना जा रहा है.
सऊदी विदेश मंत्रालय के अनुसार, काबुल में एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने अपने समकक्ष प्रिंस फैजल बिन रहमान को फोन किया. इशाक डार इस समय सऊदी में हैं. वह जेद्दा में ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कॉपरेशन की बैठक में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे.
पाकिस्तान ने ​सऊदी अरब से क्यों साधा संपर्क?
सऊदी अरब पाकिस्तान का रक्षा सहयोगी रहा है. दोनों के बीच बीते वर्ष एक समझौता हुआ था. इसके तहत एक देश पर हमला दूसरे देश पर हमले की तरह है. इस तरह से पाकिस्तान अगर तालिबान से जंग लड़ता है तो सऊदी अरब भी इसमें शामिल होगा. वहीं दूसरी वजह पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से समझौता कराने में सऊदी अरब लगा हुआ है. बीते दिनों अफगानिस्तान ने तीन पाकिस्तानी सैनिकों को रिहा कर कर दिया था. वहीं तीसरी वजह है कि सऊदी और तालिबान के बीच करीब 40 मिलियन डॉलर का व्यापार है. इसके साथ 2021 से 2024 तक सऊदी ने मानवीय सहायता के नाम पर तालिबान को 70 मिलियन डॉलर की राशि दी.
19 चौकियों पर जमाने का दावा
अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता जबिबुल्लाह मुजाहिद का दावा है कि अफगानिस्तान ने अपनी कार्रवाई में पाकिस्तान की 19 चौकियों पर अपना कब्जा जमा लिया है. अफगानिस्तान सरकार का कहना है कि पाकिस्तान के 55 सैनिकों को मार गिराया गया. कुछ सैनिकों को अफगानिस्तान ने कैद करने का भी दावा किया. वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान का कहना है कि उसने काबुल और कंधार में एयरस्ट्राइक की है. इसमें 133 लोगों की मौत हो गई. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने इसे खुली जंग बताया है.
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