/newsnation/media/media_files/2026/02/17/tarique-rahman-2026-02-17-08-54-28.jpg)
आज बांग्लादेश के पीएम पद की शपथ लेंगे तारिक रहमान Photograph: (X@trahmanbnp)
Bangladesh News: बांग्लादेश की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद खास है. क्योंकि आज यानी मंगलवार (17 फरवरी, 2026) को तारिक रहमान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. शपथ ग्रहण से पहले तारिक रहमान ने बड़ा संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि उनके में व्यक्तिगत या राजनीतिक प्रतिशोध का कोई स्थान नहीं है.
शाम चार बजे होगा शपथ ग्रहण समारोह
बता दें कि बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (BNP) के 60 वर्षीय अध्यक्ष तारिक रहमान ने 13वें संसदीय चुनावों में अपनी पार्टी को शानदार जीत दिलाई. शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति आवास के बजाय जातीय संसद के दक्षिण प्लाजा में दोपहर 3:30 बजे (स्थानीय समयानुसार शाम 4 बजे) आयोजित किया जाएगा. राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन मंत्रिमंडल के साथ प्रधानमंत्री को शपथ दिलाएंगे. इससे पहले दिन में, सरकार के औपचारिक गठन से पहले सभी नवनिर्वाचित संसद सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी.
आम चुनाव में बीएनपी को मिला स्पष्ट बहुमत
बता दें कि बांग्लादेश के आम चुनाव में बीएनपी ने 297 में से 209 सीटें जीतकर सरकार बनाने के लिए मजबूत जनादेश हासिल किया है. जमात-ए-इस्लामी ने 68 सीटें जीती हैं, जबकि अवामी लीग ने चुनाव नहीं लड़ा. राजनीतिक विश्लेषक इन परिणामों को महीनों की अनिश्चितता के बाद बांग्लादेश के राजनीतिक परिदृश्य में एक निर्णायक बदलाव के रूप में देखते हैं.
रहमान का अल्पसंख्यकों के लिए एक बड़ा संदेश
पदभार ग्रहण करने से पहले तारिक रहमान ने अपनी सरकार की कार्यशैली के बारे में स्पष्ट संदेश दिया. उन्होंने प्रतिद्वंद्वी दलों के समर्थकों से निपटने के तरीके के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि, "प्रतिशोध की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है." उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि राजनीतिक संबद्धता या मतभेद के आधार पर किसी भी प्रकार के हमले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
रहमान ने इस बात पर जोर दिया कि कानून का शासन उनके प्रशासन का मार्गदर्शन करेगा और शासन में व्यक्तिगत या राजनीतिक प्रतिशोध का कोई स्थान नहीं है. उन्होंने राष्ट्रीय सद्भाव का आह्वान करते हुए कहा कि, "हमारे रास्ते अलग हो सकते हैं, हमारे विचार भिन्न हो सकते हैं, लेकिन देश के हित में हमें एकजुट रहना होगा." बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं सहित तनावपूर्ण दौर के बाद चुनाव हुए.
ऐसे में रहमान का एकता का आह्वान विशेष महत्व रखता है. दो हिंदू और दो बौद्ध सहित अल्पसंख्यक समुदायों के चार नेताओं ने बीएनपी के टिकट पर जीत हासिल की है. उनकी जीत को नई संसद में प्रतिनिधित्व का एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है. तारिक रहमान ने स्वीकार किया कि नई सरकार के सामने गंभीर चुनौतियां हैं. उन्होंने अस्थिर अर्थव्यवस्था, कमजोर संस्थाओं और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंताओं को तात्कालिक मुद्दे बताया.
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us