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WHO प्रमुख ने कोविड को दुनिया के लिए बताया परीक्षा, जानिए क्या रहा परिणाम

घेब्रेयसस ने कहा, महामारी एक परीक्षा है और इसमें दुनिया विफल हो रही है. 40 लाख से अधिक लोग मारे गए हैं और अभी भी मौतें हो रही हैं. इस साल पहले से ही, मौतों की संख्या पिछले साल की कुल संख्या से दोगुनी से अधिक है.

News Nation Bureau | Edited By : Ravindra Singh | Updated on: 21 Jul 2021, 11:42:28 PM
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डब्ल्यू एच ओ चीफ ट्रेडोस एडनॉम घेब्रेयसस (Photo Credit: आईएएनएस)

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नई दिल्ली :

जापान में ओलंपिक 2021 के लिए विभिन्न देशों के खिलाड़ियों का जमावड़ा लगना शुरू हो चुका है. इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक ट्रेडोस एडनॉम घेब्रेयसस ने बुधवार को कहा कि और कोरोनावायरस महामारी एक ऐसी परीक्षा है, जिसमें दुनिया विफल हो रही है. घेब्रेयसस ने 138वें अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति सत्र में अपने मुख्य भाषण में कहा, महामारी अब तक नियंत्रण में हो सकती थी, अगर टीके जो महामारी की लपटों को बुझाने के लिए थे, अधिक समान रूप से आवंटित किए गए होते. उन्होंने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि टीकों के निर्माण और वितरण में विकृति ने गंभीर असमानताओं को उजागर किया है.

घेब्रेयसस ने कहा, महामारी एक परीक्षा है और इसमें दुनिया विफल हो रही है. 40 लाख से अधिक लोग मारे गए हैं और अभी भी मौतें हो रही हैं. इस साल पहले से ही, मौतों की संख्या पिछले साल की कुल संख्या से दोगुनी से अधिक है. उन्होंने टीके, परीक्षण और उपचार साझा करने में वैश्विक विफलता पर भी नाराजगी व्यक्त की. अगर असमानता की बात की जाए तो महामारी के 19 महीनों के बाद भी और सबसे पहले टीकों को मंजूरी मिलने के सात महीने बाद भी, कम आय वाले देशों में केवल एक प्रतिशत लोगों को कम से कम एक खुराक मिली है, जबकि उच्च आय वाले देशों में आधे से अधिक लोगों को इसकी खुराक मिली है.

लगभग 75 प्रतिशत टीके सिर्फ 10 देशों में लगाए गए हैं. कुछ सबसे अमीर देश अब अपनी आबादी के लिए तीसरे बूस्टर शॉट्स के बारे में बात कर रहे हैं, जबकि दुनिया के बाकी हिस्सों में स्वास्थ्य कार्यकर्ता, वृद्ध लोग और अन्य कमजोर समूहों को कोई टीका नहीं लग पाया है. उन्होंने कहा, यह सिर्फ एक नैतिक आक्रोश नहीं है, यह महामारी विज्ञान और आर्थिक रूप से आत्म-पराजय भी है. घेब्रेयसस ने कहा, यह विसंगति जितनी अधिक समय तक बनी रहेगी, महामारी उतनी ही लंबी खिंचेगी और इससे सामाजिक और आर्थिक उथल-पुथल का सामना भी करना पड़ेगा. 

मुझे ये टिप्पणी करने में जितना समय लगेगा, उतने में ही कोविड-19 से 100 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके होंगे. डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने यह भी दोहराया कि खतरा टला नहीं है और दुनिया अब संक्रमण और मौतों की एक और लहर के शुरूआती चरण में है. प्रसारण में वृद्धि से और अधिक खतरनाक वैरिएंट सामने आएंगे, जिनसे संभावित रूप से टीकों से बचा जा सकता है. घेब्रेयसस ने सितंबर तक हर देश की कम से कम 10 प्रतिशत आबादी, साल के अंत तक कम से कम 40 प्रतिशत और अगले साल के मध्य तक 70 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किए जाने को लेकर बड़े पैमाने पर वैश्विक प्रयासों का आह्वान किया. उन्होंने कहा, अगर हम उन लक्ष्यों तक पहुंच सकते हैं, तो हम न केवल महामारी को समाप्त कर सकते हैं, बल्कि हम वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी फिर से शुरू कर सकते हैं.

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First Published : 21 Jul 2021, 11:30:58 PM

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