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हाफिज सईद पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ट्वीट, कहा- पाकिस्तान पर दबाव आया काम...

मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड और प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा (जेयूडी) के सरगना हाफिज सईद को आतंकवाद रोधी विभाग (सीटीडी) ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है.

News Nation Bureau | Edited By : Deepak Pandey | Updated on: 17 Jul 2019, 08:29:14 PM
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड और प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा (जेयूडी) के सरगना हाफिज सईद को आतंकवाद रोधी विभाग (सीटीडी) ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है. इसे लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने ट्वीट कहा, पिछले 2 साल तक पाकिस्तान पर बनाया गया दबाव काम आया है.

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यूएस के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्वीट में लिखा कि आखिरकार पिछले 10 साल की खोजबीन के बाद मुंबई हमले के कथित मास्टरमाइंड हाफिज सईद को गिरफ्तार कर लिया गया है. उसे खोजने के लिए पिछले दो साल से पाकिस्तान पर अमेरिका दबाव डाल रहा था, जिसका नतीजा निकला कि पाकिस्तान ने आतंकवादी हाफिज सईद को पकड़ लिया है. बता दें कि उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.

अधिकारियों ने बताया कि सईद आतंकवाद रोधी अदालत में पेश होने के लिए लाहौर से गुजरांवाला आया था तभी उसे गिरफ्तार कर लिया गया. उसके खिलाफ कई मामले लंबित हैं. उन्होंने बताया कि उसे न्यायिक हिरासत में यहां उच्च सुरक्षा वाली कोट लखपत जेल भेज दिया गया है. सईद के नेतृत्व वाला जेयूडी लश्कर-ए-तैयबा का ही संगठन है जो 2008 मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार है. इस हमले में 166 लोग मारे गए थे.

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अमेरिका के वित्त विभाग ने सईद को आतंकवादी सूची में डाल रखा है और अमेरिका ने 2012 से ही सईद को सजा दिलाने के लिए सूचना देने के वास्ते एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दबाव में पाकिस्तानी अधिकारियों ने जेयूडी और लश्कर-ए-तैयबा के ठिकानों और आतंकवाद के वित्त पोषण के वास्ते निधि जुटाने के लिए ट्रस्टों के इस्तेमाल के मामलों की जांच शुरू की है.

सईद की गिरफ्तारी ऐसे वक्त में हुई है जब सीटीडी ने आतंकवाद के वित्त पोषण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जेयूडी प्रमुख और उसके 12 सहयोगियों पर आतंकवादी संदिग्धों के वित्त पोषण के लिए पांच ट्रस्टों का इस्तेमाल करने के 23 मामले दर्ज किए. आतंकवाद रोधी अदालत (एटीसी) ने सोमवार को लाहौर में जेयूडी सरगना और तीन अन्य को गिरफ्तारी से पूर्व जमानत दे दी थी। यह मामला जेयूडी के मदरसे के लिए भूमि के गैरकानूनी इस्तेमाल से जुड़ा हुआ था.

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एटीसी न्यायाधीश जावेद इकबाल वारिच ने सईद और उसके तीन सहयोगियों हाफिज मसूद, अमीर हमजा और मलिक जफर को 50,000 रुपये के मुचलके पर गिरफ्तारी से पूर्व जमानत दे दी थी. तीन जुलाई को सईद और नैब अमीर अब्दुल रहमान मक्की समेत प्रतिबंधित जेयूडी के शीर्ष 13 नेताओं पर आतंकवाद रोधी कानून, 1997 के तहत आतंकवाद के वित्त पोषण और धन शोधन के करीब दो दर्जन मामले दर्ज किए गए.

सीटीडी ने लाहौर में अवैध तरीके से भूमि का एक टुकड़ा हथियाने और मदरसा बनाने के लिए सईद और अन्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी. अधिकारियों के अनुसार, जेयूडी के नेटवर्क में 300 मदरसे, स्कूल, अस्पताल, एक पब्लिशिंग हाउस और एम्बुलेंस सेवा शामिल हैं.

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पंजाब पुलिस ने मार्च में कहा था कि सरकार ने प्रांत में जेयूडी और उसकी चैरिटी ईकाई एफआईएफ से जुड़े 160 मदरसों, 32 स्कूलों, दो कॉलेजों, चार अस्पतालों, 178 एम्बुलेंस और 153 दवाखानों को अपने नियंत्रण में लिया था. दक्षिण सिंध प्रांत में जेयूडी और एफआईएफ द्वारा चल रहे कम से कम 56 मदरसों और अन्य केंद्रों को भी मार्च में कब्जे में लिया गया था.

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First Published : 17 Jul 2019, 08:29:14 PM