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UNHRC ने अफगानिस्तान की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा, इसे मानवीय त्रासदी नहीं बनने दिया जा सकता

पाकिस्तान पहले से ही लगभग 3 मिलियन अफगान शरणार्थियों मौजूद हैं.

Written By : प्रदीप सिंह | Edited By : Pradeep Singh | Updated on: 04 Sep 2021, 08:30:17 PM
UNHRC BABAR BALOOCH

बाबर बलूच (Photo Credit: News Nation)

highlights

  •  आंतरिक विस्थापन संकट से जूझ रहा है अफगानिस्तान
  •  UNHRC ने कहा, इसे मानवीय तबाही नहीं बनने दिया जा सकता
  •  पाकिस्तान और आसपास के देशों में 500,000 से अधिक अफगानी शरणार्थियों के पलायन की आशंका

नई दिल्ली:

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) ने शुक्रवार को जिनेवा में एक ब्रीफिंग के दौरान तालिबान नियंत्रित अफगानिस्तान में विस्थापित अफगानों के सामने आने वाले संकट के बारे में चेतावनी दी.  संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त (शरणार्थी) के प्रवक्ता बाबर बलूच ने कहा,  "अफगानिस्तान में एक आंतरिक विस्थापन संकट है जिसके बारे में हम बात करने की कोशिश कर रहे हैं. हम जिस पर जोर दे रहे हैं वह यह है कि इसे मानवीय तबाही नहीं बनने दिया जा सकता है, और इसलिए हम दुनिया से अपील कर रहे हैं कि इस स्तर पर आपका ध्यान  अफगानों और अफगानिस्तान से पीछे न हटें." 

बलूच ने इस बात पर भी जोर दिया कि उन्होंने "पाकिस्तान और ईरान या अन्य स्थानों में बड़ी संख्या में घुसपैठ करने के मामले में बड़ी संख्या में शरणार्थियों की आमद" नहीं देखी है. "वास्तविकता यह है कि विस्थापन संकट अफगानिस्तान के अंदर है," बलूच ने अपनी बात को बढ़ाते हुए कहा कि "हम छह लाख से अधिक अफगानों के बारे में बात कर रहे हैं जो इस वर्ष के दौरान विस्थापित हुए हैं." बलूच ने अफगानिस्तान जैसे भूमि से घिरे देश में 80 प्रतिशत विस्थापित महिलाओं और बच्चों के दर्द को छुआ. उन्होंने कहाकि अगर हम उनका समर्थन नहीं करते, अगर वहां व्यापारिक गतिविधिया नहीं हो रही है, तो हम एक बड़े संकट का सामना कर सकते हैं. 

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पाकिस्तान पहले से ही लगभग 3 मिलियन अफगान शरणार्थियों मौजूद हैं.  UNHCR ने आने वाले महीनों में पाकिस्तान और आसपास के देशों में 500,000 से अधिक अफगानी शरणार्थियों के भागने की सबसे खराब स्थिति का अनुमान लगाया है. 

यूएनएचसीआर और सहयोगी, एक समन्वित प्रतिक्रिया के हिस्से के रूप में, कमजोर समूहों तक पहुंचने में चुनौतियों के बावजूद, नए विस्थापित अफगानों को आपातकालीन आश्रय, भोजन, स्वास्थ्य, पानी और स्वच्छता सहायता और नकद सहायता के साथ सहायता कर रहे हैं.

बलूच ने कहा कि लंबे समय तक संघर्ष, उच्च स्तर के विस्थापन, कोविड -19 के प्रभाव, सूखे सहित आवर्तक प्राकृतिक आपदाओं, और गहराती गरीबी से अफगान लोगों के लचीलेपन को सीमा तक धकेल दिया गया है. हाल के हफ्तों में अपने घरों से भागने के लिए मजबूर परिवारों ने सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति को अपने पलायन का प्रमुख कारण बताया.  

First Published : 04 Sep 2021, 08:29:01 PM

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