News Nation Logo
Banner

अब बौखलाया पाकिस्तान तैयार कर रहा तालिबान की मदद से नया 'कश्मीर प्लान'

खुफिया संस्थाओं ने सरकार को आगाह किया है कि आने वाले दिनों में कश्मीर में पाक प्रायोजित आतंकवादी घटनाओं में तेजी आ सकती है. इसके लिए पाकिस्तान अफगानिस्तान में सक्रिय तालिबान की मदद लेगा.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 05 Aug 2019, 04:26:11 PM
कश्मीर में चप्पे-चप्पे पर है भारी सुरक्षा.

कश्मीर में चप्पे-चप्पे पर है भारी सुरक्षा.

highlights

  • अब पाकिस्तान तालिबान के सहारे रच रहा कश्मीर में षड्यंत्र.
  • भारत के बड़े शहरों को तालिबान दहलाने के लिए तैयार.
  • खुफिया इनपुट के बाद केंद्र सरकार ने भी बदली रणनीति.

नई दिल्ली.:

जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाली धारा 370 और अनुच्छेद 35-ए के खात्मे के केंद्र सरकार के फैसले के बीच खुफिया संस्थाओं ने सरकार को आगाह किया है कि आने वाले दिनों में कश्मीर में पाक प्रायोजित आतंकवादी घटनाओं में तेजी आ सकती है. इसके लिए पाकिस्तान अफगानिस्तान में सक्रिय तालिबान की मदद लेगा. अमेरिकी सैनिकों की रवानगी के बाद तालिबान न सिर्फ अफगानिस्तान में अपना दबदबा बढ़ाएगा, बल्कि पाकिस्तानी सेना की मदद से भारत में कश्मीर में गजवा-ए-हिंद की स्थापना करने के मंसूबे पाले हुए हैं.

यह भी पढ़ेंः J & K से आर्टिकल 370 हटने से बदल गया वहां का कानून, अब कश्मीर में नहीं चलेगी RPC, लागू होगी IPC

अफगानिस्तान में तालिबान को 'खुली छूट'
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक वॉशिंगटन में सक्रिय वहाबी लॉबी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर दबाव बनाकर इस बात के लिए राजी कर लिया है कि अमेरिकी प्रशासन काबुल में तालिबान का रास्ता प्रशस्त करे. इस रणनीति के तहत ही बीते समय अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया बहाली के लिए वार्ता में तालिबान को शामिल किया गया. इधर पाकिस्तान की खुफिया संस्था आईएसआई के नए प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद के नेतृत्व में पाकिस्तान कश्मीर में आतंकवाद को नई जान फूंकना चाहता है. इसके लिए ही अफगानिस्तान में तालिबान को लेकर अमेरिका से डील की गई है. इस तरह तालिबान के पास अफगानिस्तान में ज्यादा कुछ करने को रह नहीं जाएगा. फिर तालिबान लड़ाकों को कश्मीर में उतार आतंकवाद को नवजीवन दिया जाएगा.

यह भी पढ़ेंः जम्मू-कश्मीर पर मोदी सरकार के ऐतिहासिक फैसले, 7 बिंदुओं में जाने क्या-क्या बदल गया

जेहादियों की बातचीत हुई रिकॉर्ड
बीते दिनों खुफिया संस्थाओं ने जेहादियों की बातचीत को रिकॉर्ड किया था. इसमें तालिबान लड़ाके अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की रवानगी से खासे उत्साहित हैं. अमेरिका के इस कदम को वह अपनी जीत बतौर देख रहे हैं. इसके बाद उनका इरादा कश्मीर में गजवा-ए-हिंद की स्थापना करने का है. तालिबान को इस इरादे में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा की भी ममद मिलेगी. इसके लिए जैश और लश्कर ने भारत के प्रमुख शहरों में आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने की साजिश रची है.

यह भी पढ़ेंः जम्मू-कश्मीर: मोदी सरकार के फैसले पर कुमार विश्वास ने इस खास अंदाज में जाहिर की खुशी, बताया ऐतहासिक क्षण

पाक सैन्य मुख्यालय का प्लान
खुफिया जानकारी के मुताबिक तालिबान समेत जैश और लश्कर को रावलपिंडी स्थित पाक सेना के मुख्यालय से निर्देशित किया जा रहा है. अमेरिका द्वारा अफगानिस्तान में तालिबान को गुपचुप तरीके से खुली छूट देने के बाद तालिबान की मदद से आईएसआई और पाकिस्तान सेना कश्मीर में सक्रिय करेगी. जैश और लश्कर की मदद से तालिबान सूबे में गजवा-ए-हिंद की स्थापना करने का इरादा रखता है. इसीलिए पाकिस्तान तालिबान को आगे कर कश्मीर में आतंकवाद की नई पौध खड़ी करने की सोच रहा है.

First Published : 05 Aug 2019, 04:26:11 PM

For all the Latest World News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.

×