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सिर काटने से पहले पूर्व राजदूत की बेटी को हत्यारे ने ऐसे किया था टॉर्चर

पाकिस्तान के एक पूर्व राजदूत की बेटी नूर मुकादम की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. जांच अधिकारी के अनुसार, हत्यारोपी जहीर जाफर ने इस्लामाबाद के एफ-7/4 सेक्टर में मृतक नूर मुकादम का सिर काटने से पहले उसे लोहे के हथियार से टॉर्चर किया था.

News Nation Bureau | Edited By : Shailendra Kumar | Updated on: 27 Jul 2021, 10:50:13 AM
Noor Mukaddam

सिर काटने से पहले पूर्व राजदूत की बेटी को हत्यारे ने ऐसे किया था टॉर्च (Photo Credit: @AP)

highlights

  • पूर्व राजदूत की बेटी नूर मुकादम की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा
  • हत्या करने से पहले की गई थी नूर मुकादम के साथ बर्बरता
  • जांच अधिकारी ने किया खुलासा, साथ ही कोर्ट में पेश किए साक्ष्य

इस्लामाबाद:

पाकिस्तान के एक पूर्व राजदूत की बेटी नूर मुकादम की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. जांच अधिकारी के अनुसार, हत्यारोपी जहीर जाफर ने इस्लामाबाद के एफ-7/4 सेक्टर में मृतक नूर मुकादम का सिर काटने से पहले उसे लोहे के हथियार से टॉर्चर किया था. पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर उसकी रिमांड बढ़ाने की मांग की थी. खुलासे के बाद से नागरिकों में आक्रोश है. महिलाओं की सुरक्षा को लेकर तमाम सवाल उठ रहे हैं. लोग सोशल मीडिया पर न्याय की मांग कर रहे हैं.

रिपोर्ट के अनुसार जांच अधिकारी ने जज को बताया कि पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेने के बाद उसके पास से एक पिस्तौल, चाकू और लोहे का हथियार बरामद किया है. रिमांड की मांग करते हुए अधिकारी ने कहा कि पुलिस को आरोपी और मृतक लड़की के फोन की जांच करनी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि जहीर किसी और के संपर्क में था या नहीं. न्यूज एजेंसी पीटीआई की खबर के मुताबिक, ड्यूटी मजिस्ट्रेट सुहैब बिलाल रांझा ने दो दिन की रिमांड बढ़ा दी थी. पुलिस को उसे सोमवार को कोहसर थाने में न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने का निर्देश दिया गया था. हालांकि, पुलिस ने आरोपी को देर से कोर्ट में पेश किया. 

शिकायतकर्ता के वकील शाह खरवार ने पाकिस्तानी अखबार डॉन को बताया कि पीड़ित परिवार को अदालत के बाहर समझौता करने के लिए मजबूर करने के लिए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस ने हत्या की भयावहता को देखते हुए भी पाकिस्तान दंड संहिता (पीपीसी) की धारा 311 लागू नहीं की. उन्होंने कहा कि एफआईआर पीपीसी की धारा 302 के तहत दर्ज की गई थी, जो एक समझौता योग्य अपराध है और इसे एक समझौते के तहत सुलझाया जा सकता है. मुकादम से पूछा गया कि क्या उनसे अदालत के बाहर समझौते के लिए संपर्क किया गया है, तो उन्होंने जवाब दिया कि अभी तक किसी ने भी उनसे समझौता करने के लिए नहीं कहा है. उन्होंने कहा कि वो इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे.

First Published : 27 Jul 2021, 10:50:13 AM

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