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पाकिस्तान के उलेमा शराब को हलाल बताकर फंसे, उलेमाओं ने लगाई लताड़

मुफ्ती अब्दुल कवि ने फिलहाल एक साक्षात्कार में कहा कि अल्कोहल को मिनरल्स, जैसे स्पिरिट, पेट्रोकेमिकल्स और अन्य तत्वों से बनाया जाता है, लिहाजा इसे हलाल की संज्ञा दी जानी चाहिए.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 08 May 2020, 01:07:05 PM
Mufti Abdul Qavi

अब्दुल कवि ने अल्कोहल को पैंगबर साहब से भी जोड़ा. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • मुफ्ती साहब ने अल्कोहल को हलाल बताकर बर्र के छत्ते में हाथ डाला.
  • 40 फीसदी से कम अल्कोहल वाले पेय पदार्थों को हलाल करार दिया जाए.
  • पैगंबर साहब ने पेट दर्द के इलाज में अल्कोहल वाली दवा का नुस्खा दिया.

इस्लामाबाद:

ऐसा सिर्फ पाकिस्तान (Pakistan) में ही सकता है. वजीर-ए-आजम इमरान खान (Imran Khan) के खास मौलवी तारिक जमील कोरोना संक्रमण (Corona Epidemic) को अल्लाह का कहर बता इसके लिए पश्चिमी पोशाकों को दोष देने समेत डिस्कोथेक-पब को जिम्मेदार ठहरा देते हैं. वहीं उनके मंत्री रमजान (Ramzan) के दिनों में अहमदिया मुसलमानों के खिलाफ सिर कलम करने का फतवा जारी करते हैं. इस बीच एक और उलेमा अपने बयान की वजह से विवादों के केंद्र में आ जाते हैं. उन्होंने अपने बड़बोलेपन और इस्तेमाल में लाए गए तत्वों के आधार पर शराब (Alcohol) को हलाल बताकर बर्र के छत्ते में हाथ डाल दिया है.

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कंदील बलोच की हत्या में भी रहे विवादों में
शराब को हलाल बताने से पहले उलेमा अब्दुल कवि ने सोशल मीडिया स्टार कंदील बलोच की हत्या के बाद भी विवादों को न्योता दे दिया था. उस दौरान कई दिनों तक खबरों में रहे मुफ्ती अब्दुल कवि ने फिलहाल एक साक्षात्कार में कहा कि अल्कोहल को मिनरल्स, जैसे स्पिरिट, पेट्रोकेमिकल्स और अन्य तत्वों से बनाया जाता है, लिहाजा इसे हलाल की संज्ञा दी जानी चाहिए. दरअसल, उनसे सऊदी अरब में एक मौलवी द्वारा जारी किए गए फतवे के संबंध में पूछा गया था, जिसमें कहा गया था कि जिन पेय पदार्थों में 40 फीसदी से कम अल्कोहल होता है उन्हें पीने की मंजूरी दे दी जानी चाहिए या उसे हलाल करार दिया जाना चाहिए.

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अल्कोहल को पैगंबर साहब से जोड़ा
जियो न्यूज के मुताबिक मुफ्ती ने कहा, 'यह सऊदी के उलेमा की राय है. मैं अपनी दूंगा. मैं यह कहना चाहूंगा कि अल्कोहल मिनरल्स से बनते हैं जैसे कि स्पिरिट, पेट्रोल और अन्य तत्व से. अगर इसका इस्तेमाल कपड़े या अन्य चीजों पर हो सकता है तो यह उनको अशुद्ध नहीं करता. अब इस मामले पर शरिया क्या कहता है. अगर शराब में ऐसे तत्व 100 फीसदी हैं तो ये हलाल हैं इस पर फैसला पूरे विचार के बाद ही लिया जाएगा. जब दवाइयों में मौजूद अल्कोहल के संबंध में उनसे पूछा गया तो मुफ्ती ने यह दावा तक कर दिया कि मदीना में जब कुछ लोगों ने पैगंबर से पेट दर्द की बीमारी शिकायत की, तो उन्होंने उस इलाज के बारे में बताया जिसमें अल्कोहल का इस्तेमाल होता है.

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अन्य उलेमाओं ने लगाई लताड़
मुफ्ती की इस राय पर प्रमुख उलेमा और कराची के जामिया बिनोरिया के चीफ मुफ्ती नाईम ने उन्हें जमकर लताड़ा है. उलेमा ने मुफ्ती कवि को एक दुष्ट प्रवृत्ति का व्यक्ति करार दे दिया. मुफ्ती नईम ने कहा कि मुफ्ती कवि का बयान विरोधाभाषी है. उन्होंने कहा, 'अगर साफ पानी में एक बूंद शराब भी डाल दी जाए, तो वह अशुद्ध हो जाएगा और सभी उलेमाओं की राय इस पर एक जैसी है.' उन्होंने आगे कहा, ' मुफ्ती कवि का हारीम शाह और कंदील बलोच के साथ स्कैंडल सभी जानते हैं और वह कंदील की हत्या में भी शामिल रहे हैं.'

First Published : 08 May 2020, 01:07:05 PM

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