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इस वजह से ईरानी हमले में अमेरिकी सैनिकों को नहीं पहुंचा कोई नुकसान

ईरान (Iran) ने अपने कमांडर मेजर जनरल कासिम सुलेमानी (Qassim Soleimani) की मौत का बदला लेने के लिए इराक (Iraq) में अमेरिकी ठिकानों पर 22 मिसाइलें दागी थीं.

News Nation Bureau | Edited By : Sunil Mishra | Updated on: 09 Jan 2020, 10:25:51 AM
इस वजह से ईरानी हमले में अमेरिकी सैनिकों को नहीं पहुंचा कोई नुकसान

इस वजह से ईरानी हमले में अमेरिकी सैनिकों को नहीं पहुंचा कोई नुकसान (Photo Credit: ANI Twitter)

नई दिल्‍ली:

ईरान (Iran) ने अपने कमांडर मेजर जनरल कासिम सुलेमानी (Qassim Soleimani) की मौत का बदला लेने के लिए इराक (Iraq) में अमेरिकी ठिकानों पर 22 मिसाइलें दागी थीं. ईरान ने हमले के बारे में इराक को पहले ही जानकारी दे दी थी. इराकी पीएम की ओर से यह जानकारी दी गई. इराकी पीएम के प्रवक्ता ने बताया कि तेहरान (Tehran) से पीएम अब्देल को ईरान से फोन आया था, जिसमें बताया गया कि अपने टॉप जनरल (Top General) की हत्या का बदला लेने के लिए जवाबी कार्रवाई की जाएगी. इराकी पीएम की ओर से यह भी कहा गया कि फोन पर यह बताया गया कि अमेरिकी सेना (American Military) के ठिकानों को ही निशाना बनाया जाएगा, लेकिन कहां हमला होगा, यह स्‍पष्‍ट नहीं किया गया. मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि इराक ने अमेरिका को यह जानकारी लीक कर दी थी, जिसके बाद अमेरिका (America) सचेत हो गया था.

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यह भी कहा जा रहा है कि अमेरिका के आधुनिक डिटेक्शन सिस्टम के चलते सैनिकों को पहले ही मिसाइल हमले की चेतावनी मिल गई थी, जिससे वे बंकर में छिप गए. एक अधिकारी ने यह भी बताया कि अर्ली वॉर्निंग सिस्टम के जरिए इराक में मौजूद अमेरिकी सैनिकों को खतरे के बारे में आगाह कर दिया गया था. अमेरिका के मेरीलैंड स्थित फोर्ट मेड बेस पर मिसाइलों की लॉन्चिंग को लेकर रियल टाइम जानकारी इकट्ठा की जाती हैं. अमेरिकी रक्षा सूत्रों का कहना है कि मिसाइलें 600 मील दूर थीं, तभी सैनिकों को चेतावनी मिल गई थी.

हालांकि इराकी पीएम का कहना है कि अमेरिका के सैनिकों का यहां से वापस जाना ही समस्‍या का समाधान है. अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने भी बुधवार को किए गए प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि ईरानी हमले में किसी अमेरिकी सैनिक को नुकसान नहीं पहुंचा है. डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा, वॉर्निंग सिस्टम से हमें पहले ही खबर मिल गई थी. अमेरिकी सैनिक बेस को थोड़ा नुकसान हुआ है. डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा, सुलेमानी ने आतंकवाद को बढ़ावा दिया था. सुलेमानी ने ही आतंकियों को ट्रेनिंग दी थी और उसने गृहयुद्ध जैसे हालात बनाए थे.

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राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले प्रमुख देशों में से एक है. ईरानी आतंकी सुलेमानी को मेरे आदेश पर मार गिराया गया था. सुलेमानी ने गृहयुद्ध, आतंकी घटनाओं, इराक में अमेरिकी एंबेसी पर हमले और आतंकियों की ट्रेनिंग जैसी कई कामों को अंजाम दिया है. सुलेमानी को बहुत पहले ही मार गिराया जाना चाहिए था.

First Published : 09 Jan 2020, 10:25:51 AM

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