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न्यूजीलैंड में ‘प्राउड ब्वॉयज’ और ‘द बेस’ आतंकवादी संगठन घोषित

अमेरिका में विदेश मंत्रालय केवल विदेशी समूहों को आतंकवादी संगठन घोषित करता है, लेकिन प्राउड ब्वॉयज को पिछले साल कनाडा में आतंकवादी समूह घोषित किया गया जबकि द बेस को ब्रिटेन, कनाडा तथा ऑस्ट्रेलिया में आतंकवादी समूह घोषित किया जा चुका है.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 01 Jul 2022, 07:08:20 PM
Proud Boys

कैपिटल हिंसा में भी शामिल रहा था प्राउड ब्वॉयज समूह. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • वॉशिंगटन में कैपिटल हिल हिंसा में शामिल था प्राउड ब्वॉयज
  • हालांकि न्यूजीलैंड में ये दोनों संगठन ही सक्रिय नहीं हैं

वेलिंगटन:  

रंग के आधार पर एक श्वेत वर्चस्ववादी समूह प्राउड ब्वॉयज और द बेस को न्यूजीलैंड ने आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है. अमेरिका के घोर दक्षिणपंथी समूह ‘प्राउड ब्वॉयज’ और ‘द बेस’ आतंकवादी संगठन हैं. डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव हारने के बाद कैपिटल हिल पर हुई हिंसा में इन दोनों ही संगठनों का नाम आया था. इस घोषणा के साथ ही ये दो समूह इस्लामिक स्टेट समेत उन 18 समूहों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्हें आधिकारिक रूप से आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है.

न्यूजीलैंड में सक्रिय नहीं है प्राउड ब्वॉयज
आतंकी संगठन की सूची में डालते ही अब न्यूजीलैंड में इन्हें वित्तीय मदद देना, इस समूहों में शामिल होना या इनसे जुड़ना गैरकानूनी हो गया है और प्राधिकारी ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे. हालांकि घोर दक्षिणपंथी अमेरिकी समूह न्यूजीलैंड में इतने सक्रिय नहीं माने जाते हैं, लेकिन दक्षिण प्रशांत देश 2019 में क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों में एक श्वेत वर्चस्ववादी द्वारा 51 मुसलमानों की हत्या के बाद से घोर दक्षिणपंथ से खतरों को लेकर ज्यादा सतर्कता बरती जा रही है.

कई देशों में आतंकी घोषित
अमेरिका में विदेश मंत्रालय केवल विदेशी समूहों को आतंकवादी संगठन घोषित करता है, लेकिन प्राउड ब्वॉयज को पिछले साल कनाडा में आतंकवादी समूह घोषित किया गया जबकि द बेस को ब्रिटेन, कनाडा तथा ऑस्ट्रेलिया में आतंकवादी समूह घोषित किया जा चुका है. प्राउड ब्वॉयज को आतंकवादी सूची में डालने के स्पष्टीकरण में न्यूजीलैंड प्राधिकारियों ने कहा कि इस समूह की यूएस कैपिटल में छह जनवरी 2021 को हुए हिंसक हमले में संलिप्तता आतंकवाद का कृत्य है. वहीं, द बेस के लिए उन्होंने कहा कि इस समूह का मुख्य लक्ष्य हिंसा को बढ़ाने में श्वेत वर्चस्ववादी दक्षिणपंथी चरमपंथियों को प्रशिक्षण देना है.

श्वेत के अलावा बारी को जीने का हक नहीं
जैसा कि नाम से जाहिर है प्राउड बॉयज नाम का यह गुट सिर्फ पुरूषों को ही अपना सदस्य बनाता है. वह भी सिर्फ गोरे पुरूषों को. ये महिलाओं, ट्रांसजेंडरों और काले लोगों से भेदभाव करते हैं. यह ऐसा श्वेत वर्चस्ववादी समूह है जो अपने से अलग दिखने और होने वाले सभी लोगों से नफरत करता है. इनकी नजर में श्रेष्ठ सिर्फ यही लोग हैं बाकि को जीने का कोई अधिकार नहीं है. प्राउड बॉयज ऐसे मुद्दे उठाता है जो श्वेत वर्चस्ववादी की परिपाटी पर खरे उतरते हों. अक्सर उन्हें अमेरिका और कनाडा में अश्वेतों और मुसलमानों पर हिंसा करते देखा गया है. 

First Published : 01 Jul 2022, 07:08:20 PM

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