News Nation Logo
Banner

मुंबई हमले के साजिशकर्ता हाफिज सईद पर शिकंजा कसा, 5 गवाहों ने दी खिलाफ गवाही

पाकिस्तान की एक आतंकवाद निरोधक अदालत में पांच गवाहों ने हाफिज सईद और उसके करीबी जफर इकबाल के खिलाफ बृहस्पतिवार को गवाही दी.

By : Nihar Saxena | Updated on: 03 Jan 2020, 01:33:53 PM
क्या सजा मिलेगी मुंबई आतंकी हमलों के साजिशकर्ता हाफिज सईद को.

क्या सजा मिलेगी मुंबई आतंकी हमलों के साजिशकर्ता हाफिज सईद को. (Photo Credit: न्यूज स्टेट)

highlights

  • पांच गवाहों ने हाफिज सईद और उसके करीबी जफर इकबाल के खिलाफ बृहस्पतिवार को गवाही दी.
  • मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद और सहयोगी जफर इकबाल पर शिकंजा कसता जा रहा है.
  • जज अरशद हुसैन भट्टा ने मामले की सुनवाई फरवरी तक स्थगित कर दी है.

नई दिल्ली:

भारत समेत अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के दबाव में मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद और उसके करीबी सहयोगी जफर इकबाल के खिलाफ आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में शिकंजा कसता जा रहा है. पाकिस्तान की एक आतंकवाद निरोधक अदालत में पांच गवाहों ने हाफिज सईद और उसके करीबी जफर इकबाल के खिलाफ बृहस्पतिवार को गवाही दी. हाफिज के खिलाफ पाकिस्तान की आतंकवाद निरोधक अदालत में सुनवाई चल रही है. लाहौर में कोर्ट ने हाफिज और उसके सहयोगी हाफिज अब्दुल सलाम, मुहम्मद अशरफ और इकबाल के खिलाफ दिसंबर में औपचारिक रूप से मामला शुरू किया था.

यह भी पढ़ेंः 'कासिम सुलेमानी की मौत का प्रचंड बदला लिया जाएगा', ईरान के सर्वोच्‍च नेता खामेनेई ने लिया संकल्प

टेरर फंडिंग मामले में दर्ज हुए बयान
कोर्ट के एक अधिकारी ने कहा, '5 गवाहों ने हाफिज और इकबाल के खिलाफ टेरर फंडिंग मामले में बयान दर्ज कराए.' अधिकारी ने कहा कि हाफिज और इकबाल
की कानूनी सलाहकार टीम में एडवोकेट नसीरुद्दीन नायर और इमरान फजल गिल ने गवाहों से जिरह कर तमाम तरह के सवाल पूछे. उन्होंने कहा कि जज अरशद हुसैन भट्टा ने मामले की सुनवाई फरवरी तक स्थगित कर दी है. गौरतलब है कि 2012 में मुंबई हमले में 166 लोगों की जान चली गयी थी. इसके बाद अमेरिका ने भी पाकिस्तान पर हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था.

यह भी पढ़ेंः मोदी-ट्रंप की दोस्ती आई काम, ईरानी जनरल सुलेमानी को मार अमेरिका ने भारत का बदला लिया

हाफिज पर लगे आरोप खारिज कर चुका है बचाव पक्ष
हालांकि गवाहों से जिरह के दौरान पत्रकारों को अदालत परिसर में प्रवेश करने की इजाजत नहीं दी गई. बताया जा रहा है कि ऐसा सुरक्षा कारणों के चलते किया गया. इसके पहले बचाव पक्ष के वकील हाफिज पर लगे आरोपों को आधारहीन बताकर खारिज कर चुके हैं. उनका कहना है कि यह सुनवाई पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण हो रही है. हालांकि आतंकवाद पर दोहरे चरित्र को नुमायां करने वाली इमरान खान सरकार के आतंकवाद निरोधक विभाग ने हाफिज और उसके सहयोगियों के खिलाफ 23 एफआईआर दर्ज कर उसे पिछले साल 17 जुलाई को गिरफ्तार किया था.

First Published : 03 Jan 2020, 01:33:53 PM

For all the Latest World News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.

वीडियो