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पाकिस्तान में अफगानियों के ​लिए जीना हुआ मुहाल, जानें क्यों छिप-छिपकर जीने पर मजबूर 

पाकिस्तान में रह रहे अफगानियों के मन में डर है कि कहीं उन्हें बाहर न निकाल दिया जाए, इस कारण उन्होंने घर में कैद कर लिया है.

Updated on: 29 Apr 2024, 03:29 PM

नई दिल्ली:

पाकिस्तान अपने यहां पर रह रहे अफगानियों को वापस भेज रहा है. अब तक वह छह लाख अफगानियों को पाकिस्तान से बाहर किया जा चुका है. इसके बाद भी अभी भी करीब 10 लाख अफगान शरणार्थियों पाकिस्तान में मौजूद हैं. अफगानियों के मन डर बना हुआ कि उन्हें कभी भी देश से बाहर निकाला जा सकता है. दरअसल, पाकिस्तान में निवास कर रहे लोग अफगानिस्तान जाने को राजी नहीं हैं. इस कारण उन्होंने बाहर निकलना बंद कर दिया. यहां तक की अपने काम धंधे भी छोड़ दिए हैं. ये लोग अपने घरों में के आसपास बहुत कम निकलते हैं. हालात ये हो चुके है कि उनके लिए आजीविका कमाना, किराए पर रहना, खाने-पीने का सामान खरीदना या इलाज कराना काफी कठिन हो चुका है. इन लोगों को डर है कि कभी उन्हें पुलिस पकड़कर ले जा सकती है और उन्हें वापस भेज दिया जाएगा. 

कराची पुलिस ने क्या किया 

ऐसा ही एक मामला सामने आया है, इसमें कराची में पुलिस ने 18 साल के एक किशोर की नकदी, फोन और मोटरसाइकिल हो छीन लिया. उसे निर्वासन केंद्र भेज दिया गया. यहां से उसे अफगानिस्तान भेजा गया. उसके माता -पिता बीते 50 साल से यहां पर रह थे. वह इससे पहले कभी भी अफगानिस्तान नहीं गया था. उसके पास अफगानिस्तान जाते वक्त कपड़ों के अलावा कुछ भी नहीं था.  

पाकिस्तान ने चला रखा है अभियान 

आपको बता दें कि युद्ध के हालात के चलते कम से कम 17 लाख लोगों ने पाकिस्तान में शरण ली थी. यहां पर वे बिना किसी कानूनी इजाजत के रह रहे हैं. मगर अब पाकिस्तान ने ऐसे लोगों अफगानिस्तान वापस भेजने का अभियान छेड़ा है. 

युवक का दर्द 

यहां पर रहे एक 15 वर्षीय युवक ने बताया कि उसने अपना पहचान पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया है. मगर उसे इसकी उम्मीद काफी कम है. पाकिस्तान में शरणार्थियों की हालत बद से बदतर हो चुकी है. युवक ने कहा, मेरी जिंदगी यहां पर गुजरी है, मेरा अफगानिस्तान में कोई दोस्त या परिवार नहीं है. ऐसे में अफगानिस्तान में मैं कहा पर जाउंगा.