News Nation Logo
Banner

जो बाइडेन : सबसे युवा सीनेटर से सबसे उम्रदराज अमेरिकी राष्ट्रपति बनने का सफर

डेमोक्रेटिक उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार 77 वर्षीय जोसेफ आर बाइडन ने डोनाल्ड ट्रंप को हराकर अमेरिका में एक बड़ा राजनीतिक पलटवार किया. जो बाइडेन अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में विजेता बनकर उभरे हैं.

News Nation Bureau | Edited By : Dalchand Kumar | Updated on: 08 Nov 2020, 06:44:14 AM
Joe Biden

जो बाइडेन: सबसे युवा सीनेटर से उम्रदराज अमेरिकी राष्ट्रपति बनने का सफर (Photo Credit: फ़ाइल फोटो)

न्यूयॉर्क:

डेमोक्रेटिक उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार 77 वर्षीय जोसेफ आर बाइडन ने डोनाल्ड ट्रंप को हराकर अमेरिका में एक बड़ा राजनीतिक पलटवार किया. जो बाइडेन अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में विजेता बनकर उभरे हैं. ट्रंप को हराकर बाइडन अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति बन गए हैं. वह 20 जनवरी 2021 को शपथ लेंगे. लगभग 160 साल पहले इस समय के आसपास अब्राहम लिंकन अमेरिकी राष्ट्रपति चुने गए थे. ऐसा नहीं है कि यह कामयाबी जो बाइडेन ने अपने पहले प्रयास में पा ली है. बाइडेन को साल 1988 और 2008 में राष्ट्रपति पद की दौड में नाकामी मिली थी.

यह भी पढ़ें: जो बाइडेन ने ट्रंप को दी करारी शिकस्त, होंगे अमेरिका के अगले राष्ट्रपति 

राष्ट्रपति बनने का सपना संजोये डेलावेयर से आने वाले दिग्गज नेता बाइडेन को सबसे बडी सफलता उस समय मिली, जब वह दक्षिण कैरोलीना की डेमोक्रेटिक पार्टी प्राइमरी में 29 फरवरी को अपने सभी प्रतिद्वंद्वी को पछाडकर राष्ट्रपति पद की दौड में जगह बनाने में कामयाब रहे. वाशिंगटन में 5 दशक गुजारने वाले बाइडेन अमेरिकी जनता के लिए एक जाना-पहचाना चेहरा थे, क्योंकि वह दो बार तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में उप राष्ट्रपति रहे.

74 वर्षीय ट्रंप को हराकर व्हाइट हाउस में जगह पाने वाले बाइडेन अमेरिकी इतिहास में अब तक के सबसे अधिक उम्र के राष्ट्रपति बन गए हैं. अमेरिका की राजनीति में करीब पांच दशकों से सक्रिय जो बाइडेन ने सबसे युवा सीनेटर से लेकर सबसे उम्रदराज अमेरिकी राष्ट्रपति बनने तक का शानदार सफर तय करके इतिहास रचा है. 77 वर्षीय बाइडेन 6 बार सीनेटर रहे और अब अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हराकर देश के राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं.

यह भी पढ़ें: जो बाइडेन सबसे अधिक मत हासिल करने वाले प्रत्याशी 

बाइडेन के आने से भारत को कितना फायदा?

डेलावेयर राज्य में लगभग तीन दशकों तक सीनेटर रहने और ओबामा शासन के दौरान 8 सालों के अपने कार्यकाल में वह हमेशा ही भारत-अमेरिकी संबंधों को मजबूत करने के हिमायती रहे. बाइडेन ने भारत-अमेरिका परमाणु समझौते के पारित होने में भी अहम भूमिका निभाई थी. भारतीयों राजनेताओं से मजबूत संबंध रखने वाले बाइडेन के दायरे में काफी संख्या में भारतीय-अमेरिकी भी हैं.

चुनाव के लिए कोष जुटाने के एक अभियान के दौरान जुलाई में बाइडेन ने कहा था कि भारत-अमेरिका 'प्राकृतिक साझेदार' हैं. उन्होंने बतौर उप राष्ट्रपति अपने 8 साल के कार्यकाल को याद करते हुए भारत से संबंधों को और मजबूत किए जाने का जिक्र किया था और यह भी कहा था कि अगर वह राष्ट्रपति चुने जाते हैं तो भारत-अमेरिका के बीच रिश्ते उनकी प्राथमिकता रहेगी.

यह भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप के लिए राजी करने की ट्रंप की राह आसान नहीं

जो बाइडेन का परिचय

जो रॉबिनेट बाइडेन का जन्म साल 1942 में पेनसिल्वेनिया में हुआ था. बाइडेन ने डेलावेयर विश्वविद्यालय में शिक्षा हासिल की और बाद में साल 1968 में कानून की डिग्री हासिल की. बाइडेन डेलावेयर में सबसे पहले 1972 में सीनेटर चुने गए और उन्होंने छह बार इस पद पर कब्जा जमाया. 29 साल की उम्र में सीनेटर बनने वाले बाइडेन अब तक सबसे कम उम्र में सीनेटर बनने वाले नेता हैं.

First Published : 08 Nov 2020, 06:44:14 AM

For all the Latest World News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.

वीडियो