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इजरायल और फिलिस्तीन बढ़ रहे युद्ध की तरफ, गाजा में 65 मरे

संघर्ष अब युद्ध में तब्दील होता नजर आ रहा है. परस्पर रॉकेट हमलों से गाजा में मौत का आंकड़ा 65 तक पहुंच गया है, वहीं इजराइल में 7 लोगों की मौत हो गई है.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 13 May 2021, 08:18:23 AM
Israel

जारी संघर्ष को देख 2014 में 50 दिन चले युद्ध की यादें ताजा. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • बीते दो दिनों में इजरायल-फिलिस्तीन ने दागे हजार रॉकेट
  • गाजा में 65 लोग तो इजरायल में 7 की हुई मौत
  • वैश्विक स्तर पर भी बढ़ने लगी है खेमेबंदी

यरुशलम:

इजरायल (Israel) और फिलिस्तीन (Philistine) का संघर्ष अब युद्ध में तब्दील होता नजर आ रहा है. परस्पर रॉकेट हमलों से गाजा में मौत का आंकड़ा 65 तक पहुंच गया है, वहीं इजराइल में 7 लोगों की मौत हो गई है. अल जजीरा के मुताबिक इजरायल के हवाई हमले में उग्रवादी संगठन हमास का गाजा (Gaza) सिटी कमांडर बसम ईसा मारा गया है. हमास समूह ने इसकी पुष्टि की है. बसम ईसा हमास का अब तक का सबसे बड़ा अधिकारी था. इजरायल के हवाई हमले से गाजा की एक बहुमंजिला इमारत जमीन में मिल गई है. इसके जवाब में हमास (Hamas) ने और ज्यादा रॉकेट गिराने की चेतावनी दी है. इसके साथ ही इजरायल और फिलिस्तीन को लेकर दुनिया के देशों में खेमेबंदी भी तेज हो गई है.

2014 के युद्ध की यादें हुईं ताजा
इजरायल और हमास के बीच जारी वर्तमान संघर्ष 2014 की गर्मियों में 50 दिन तक चले युद्ध से भी ज्यादा खतरनाक लग रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक हमास के कब्जे वाले गाजा से बीते दो दिनों में लगभग एक हजार से ज्यादा रॉकेट दाए गए हैं। हालांकि इजरायल ने अपने आयरन डोम डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल कर अपनी बड़ी आबादी को सुरक्षित कर लिया है, लेकिन लेकिन तकनीकी खराबी के चलते कुछ रॉकेट इससे बच निकले थे और जमीन पर गिर गए थे. कहा जा रहा है कि इजरायल के आयरन डोम की सफलता दर 80-90 प्रतिशत है. इजरायल के हमलों में गाजा में मरने वाले फिलस्तीनियों की संख्या 65 हो गई है, जिसमें 16 बच्चे और 5 महिलाएं शामिल हैं.

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तुर्की ने रूस से इजरायल को सबक सिखाने को कहा
इस बीच तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन से कहा कि फिलिस्तीनियों के प्रति इजरायल के रवैये के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उसे कड़ा और कुछ अलग सबक सिखाना' चाहिए. एर्दोगन के बयान से इस विवाद के बड़ा रूप लेने की अटकलें तेज हो गई हैं. खासकर तब जब संयुक्त राष्ट्र के मध्यपूर्व के दूत ने युद्ध की चेतावनी दी है. संयुक्त राष्ट्र के मध्यपूर्व के दूत ने चेतावनी दी है कि इजरायल और फिलिस्तीनी उग्रवादियों के बीच हिंसा जारी है और यहां बड़े युद्ध की ओर बढ़ने की स्थिति नजर आ रही है. 

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संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की मांग
तुर्की के राष्ट्रपति संचार निदेशालय के मुताबिक, दोनों देशों के नेताओं ने बुधवार को टेलीफोन पर यरूशलम के विवादित क्षेत्र को लेकर तनाव पर चर्चा की. बयान के अनुसार एर्दोआन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इजरायल को कड़ा और अलग सबक सिखाना चाहिए और कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को त्वरित हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि इजरायल को 'स्पष्ट संदेश' जाए. बयान में कहा गया कि एर्दोआन ने पुतिन को सुझाव दिया कि फिलिस्तीनियों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल पर विचार किया जाना चाहिए. इस बीच इंस्तांबुल में हजारों लोगों ने देशव्यापी कोरोना वायरस कर्फ्यू का उल्लंघन कर इजरायली हमले के विरोध में प्रदर्शन किया.

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First Published : 13 May 2021, 08:13:17 AM

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