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Ebrahim Raisi Helicopter Crash: हादसे के बाद घंटों तक गुमशुदा था हेलिकॉप्टर, इस तरह से खोज निकाला मलवा

नहीं रहे ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी.. अबतक ये खबर दुनियाभर में सुर्खियों में है. दरअसल बीते रविवार शाम इब्राहिम रईसी का हेलिकॉप्टर एक खौफनाक हादसे का शिकार हो गया.

Updated on: 20 May 2024, 01:23 PM

नई दिल्ली:

नहीं रहे ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी.. अबतक ये खबर दुनियाभर में सुर्खियों में है. दरअसल बीते रविवार शाम इब्राहिम रईसी का हेलिकॉप्टर एक खौफनाक हादसे का शिकार हो गया. पहाड़ी इलाकों से गुजरते हुए, खराब मौसम के चलते हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया. हादसे के दौरान राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के साथ-साथ ईरान के विदेश मंत्री अमीर-अब्बुल्लाहियन समेत कई अन्य लोग मौजूद थे. मौसम खराब होने के चलते घटना के कई घंटों बाद भी हेलिकॉप्टर की तलाश मुश्लिक हो रही थी, लिहाजा ईरान ने तुर्की और यूरोप से सहायता मांगी...

ईरान की मदद के मद्देनजर तुर्की ने तत्काल बेरक्तार अकिंसी ड्रोन (Bayraktar Akinci) को आसमान में उड़ा दिया, जिसकी मदद से खराब मौसम के बावजूद हेलिकॉप्टर क्रैश साइट को खोजी जा सकी. वहीं दूसरी ओर यूरोप ने Copernicus EMS रैपिड रेसपॉन्स सैटेलाइट को एक्टिव कर दिया, जिससे ईरान की हेलिकॉप्टर क्रैश साइट की मैपिंग की जा सकें. 

बेरक्तार अकिंसी ड्रोन के फीचर..

बेरक्तार अकिंसी ड्रोन का इस्तेमाल जंग के मैदान में किया जाता है. यह किसी भी तरह के SAR ऑपरेशन करने में सक्षम है. इस ड्रोन में ऐसे हीट सेंसर्स होते हैं, जो हर मौसम में किसी स्थान से निकलने वाली गर्मी के जरिए मालूम कर सकते हैं कि, वहां पर क्या है. ये ड्रोन 1350 kg वजन के हथियार उठा सकता है. साथ ही ये ज्यादा ऊंचाई पर लंबे समय तक उड़ान भरने में भी सक्षम है. 

यह मानवरहित ड्रोन युद्ध और जासूसी के लिए खास तरह से तैयार किया गया है. इस ड्रोन के पास 5.5 टन से ज्यादा का टेकऑफ वेट है, साथ ही इसमें टर्बोपॉप इंजन है, जिससे इस ड्रोन को 750 एचपी की ताकत मिलती है. 

इस ड्रोन का सबसे बड़ा फीचर है कि, ये दुनिया का अपनी तरह का पहला ड्रोन है, जो सीधा हवा से ही क्रूज मिसाइल दाग सकता है.इसमें तीन तरह के हथियार लगाए जा सकते हैं. MAM-L, MAM-C और MAM-T बम. ज्ञात हो कि, बेरक्तार अकिंसी अधिकतम 25 घंटे 45 मिनट तक उड़ान भर सकता है.