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तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण पर अमेरिकी अदालत में सुनवाई गुरुवार को

2008 के मुंबई आतंकी  हमले के आरोपी पाकिस्तानी मूल के तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण को लेकर अमेरिका की संघीय अदालत गुरुवार को अहम  सुनवाई करने वाली है. इसी बीच भारतीय अधिकारियों की टीम अदालती कार्रवाई के लिए अमेरिका पहुंच गई है.

News Nation Bureau | Edited By : Ravindra Singh | Updated on: 23 Jun 2021, 08:02:34 PM
Tahawwur Rana

तहव्वुर राणा (Photo Credit: फाइल)

नयी दिल्ली:

2008 के मुंबई आतंकी  हमले के आरोपी पाकिस्तानी मूल के तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण को लेकर अमेरिका की संघीय अदालत गुरुवार को अहम  सुनवाई करने वाली है. इसी बीच भारतीय अधिकारियों की टीम अदालती कार्रवाई के लिए अमेरिका पहुंच गई है. भारत के प्रत्यर्पण  के अनुरोध पर तहव्वुर राणा को पिछले साल 10 जून को लॉस एंजिलिस में गिरफ्तार किया गया था. भारत की अमेरिका के साथ प्रत्यर्पण सन्धि है, इसी के चलते भारत  ने तहव्वुर राणा  के औपचारिक प्रत्यर्पण का अनुरोध किया है.अमेरिका ने अपने स्तर पर प्रत्यर्पण की प्रकिया भी शुरू कर दी है.

कोर्ट में भी अमेरिका की ये दलील  

  • संघीय अदालत का तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण के मसले पर सुनवाई करने का अधिकार क्षेत्र बनता है.
  • तहव्वुर राणा का केस भारत में प्रत्यर्पण के लिए ज़रूरी सभी मापदंडों पर खरा उतरता है 
  • भारत की अमेरिका के साथ प्रत्यर्पण संधि है. जो पूरी तरह से लागू है
  • भारत की ओर से राणा पर लगाये आरोप बेहद संजीदा है.ये आरोप भारत -अमेरिका प्रत्यर्पण संधि के अंतर्गत आते है.

तहव्वुर राणा के वकील की दलील
तहव्वुर राणा  के वकील का कहना है जिन आरोप के तहत प्रत्यर्पण की मांग की जा रही है, उनसे पहले हो वो बरी हो चुका है. सरकार 26/11 हमले में उसकी भूमिका को कोर्ट में साबित नहीं कर पाई है. 

अमेरिका की नज़र में राणा - हेडली का केस अलग
राणा लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली का बचपन का दोस्त है.हेडली 2008 के मुंबई हमलों की साजिश रचने में शामिल था और इस  मामले में गवाह बन गया था. फिलहाल  हेडली  हमले में अपनी भूमिका के लिए अमेरिका में 35 साल की जेल की सजा काट रहा है. हालांकि अमेरिका हेडली के प्रत्यर्पण के  भारत के अनुरोध को खारिज कर चुका है. इस बारे में सरकारी वकील की कोर्ट में दलील थी  कि  हेडली ने हमलों में अपनी भूमिका को मानते हुए सभी आरोपों में दोष भी स्वीकार कर लिया था. जबकि राणा ने न तो जांच में सहयोग दिया और न ही अपना गुनाह कबूला. लिहाजा उसे  वो लाभ नहीं मिल सकते जो हेडली को दिए गए.

पिछले साल हुई थी गिरफ्तारी
इसके पहले 20 जून 2020 को मुंबई में 26/11 आतंकी हमलों का आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को भारतीय अधिकारियों के अनुरोध पर लॉस एंजिल्स में अमेरिका ने फिर से गिरफ्तार कर लिया है. पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी आईएसआई से जुड़े राणा (59) को हाल ही में जेल से रिहा कर दिया गया था, जब वह कोविड-19 संक्रमण से ग्रस्त पाया गया था. राणा को पिछले साल 10 जून को एक अन्य आईएसआई ऑपरेटिव डेविड कोलमैन हेडली के साथ लॉस एंजिल्स पुलिस द्वारा दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.

 

First Published : 23 Jun 2021, 07:55:53 PM

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