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फ्रांस का मुस्लिम नेताओं को अल्टीमेटम, 'लोकतांत्रिक मूल्यों' को स्वीकार करें

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने देश भर के मुस्लिम नेताओं से कट्टरपंथी इस्लाम के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी मुहिम के हिस्से के रूप में 'प्रजातांत्रिक मूल्यों के चार्टर' को स्वीकार करने के लिए कहा है.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 22 Nov 2020, 11:49:31 AM
Emmanuel Macron

कट्टरपंथी इस्लामिक नेताओं को इमैनुएल मैक्रों का अल्टीमेटम. (Photo Credit: न्यूज नेशन.)

पेरिस:

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने देश भर के मुस्लिम नेताओं से कट्टरपंथी इस्लाम के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी मुहिम के हिस्से के रूप में 'प्रजातांत्रिक मूल्यों के चार्टर' को स्वीकार करने के लिए कहा है. मैक्रों ने चार्टर को स्वीकार करने के लिए फ्रेंच काउंसिल ऑफ द मुस्लिम फेथ (सीएफसीएम) को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है, जिसमें कहा जाएगा कि इस्लाम धर्म है और न कि राजनीतिक आंदोलन, इसका मकसद मुस्लिम समूहों में 'विदेशी हस्तक्षेप' को भी रोकना है. यह कदम देश भर में एक महीने से भी कम समय में तीन इस्लामिक आतंकवादी हमलों के बाद उठाया गया है.

एक हमले में 47 वर्षीय एक स्कूल शिक्षक सैमुअल पैटी का सिर एक 18 साल के चेचन शरणार्थी द्वारा काट दिया गया. पैटी ने पैगंबर मोहम्मद के कार्टून कक्षा में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अपने छात्रों को दिखाए थे. एक फ्रांसीसी दैनिक ले मोंडे द्वारा प्रकाशित ईमेल्स में खुलासा किया गया कि पैटी ने अपनी कक्षा में कार्टून दिखाए जाने के कुछ दिनों बाद अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कोई और शिक्षा देने की अनिच्छा प्रकट की थी. पैटी ने एक ईमेल में लिखा था, यह वास्तव में चिंताजनक है और विशेष रूप से वह एक ऐसे परिवार से आता है, जिसका बच्चा मेरे लेसन में नहीं था और वह कोई ऐसा व्यक्ति नहीं है जिसे मैं जानता हूं. यह एक दुर्भावनापूर्ण अफवाह बन गया है.

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उन्होंने एक अलग ईमेल में लिखा था, 'मैं इस विषय पर अब और अध्यापन नहीं करूंगा. मैं शिक्षण के लिए एक विषय के रूप में एक और फ्रीडम का चयन करूंगा.' पैटी का सिर काटकर हत्या करने की घटना पर फ्रांसीसी सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की. पुलिस ने उन व्यक्तियों और संगठनों पर छापे मारे जिन्होंने घटना को सपोर्ट किया था. पेरिस के एक उत्तरी उपनगर में एक जानेमाने मस्जिद को फ्रांसीसी अधिकारियों ने इस्लामिक समूहों और उनके कट्टरपंथियों पर शिकंजा कसने के लिए बंद कर दिया था. राष्ट्रपति मैक्रों ने इस्लाम को बतौर धर्म 'संकट में' बताया और उन्होंने 'इस्लामिक अलगाववाद' से निपटने का संकल्प लिया.

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मैक्रों की टिप्पणियों की तुर्की सहित कई मुस्लिम बहुसंख्यक राष्ट्रों द्वारा आलोचना की गई थी. तुर्की के राष्ट्रपति, रेसेप तैयप एर्दोगन ने मैक्रों पर निशाना साधते हुए एक टेलीवाइज्ड स्पीच में कहा था, 'मैंने शनिवार को कहा है और इसे फिर से दोहरा रहा हूं, मैक्रों को खुद को जांचने की जरूरत है.' फ्रांस के राष्ट्रपति और उनके गृह मंत्री जेराल्ड डर्मैनिन ने एलिसी पैलेस में सीएफसीएम के आठ नेताओं से मुलाकात की. ले पेरिसियन ने बैठक के बाद एक रिपोर्ट में कहा, 'दो सिद्धांतों को ब्लैक एंड व्हाइट (चार्टर में) अंकित किया जाएगा : राजनीतिक इस्लाम और किसी भी विदेशी हस्तक्षेप की अस्वीकृति.'

First Published : 22 Nov 2020, 11:49:31 AM

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