News Nation Logo

अमेरिकी चुनाव में इस हथियारबंद समूह के कारण खूनखराबे की आशंका

अमेरिका में अगला राष्ट्रपति कौन होगा ये अगले कुछ घंटों में पता चल जाएगा लेकिन नतीजों से पहले मिलिशा नामक हथियारबंद समूह हिंसा फैला सकता है.  

News Nation Bureau | Edited By : Kuldeep Singh | Updated on: 03 Nov 2020, 08:59:19 AM
election

अमेरिकी चुनाव (Photo Credit: फाइल फोटो)

वॉशिंगटन:

अमेरिका का अगला राष्ट्रपति कौन होगा ये अगले कुछ घंटों में पता चल जाएगा. अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव (presidential election in America) में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित होने के बाद भी अर्ली वोटिंग में वहां जमकर मतदान की खबरें आईं. हैरानी की बात है कि इस दौरान हथियारों की बिक्री में भी भारी इजाफा हुआ है. आशंका जताई जा रही है कि नतीजे आने के बाद भारी हिंसा हो सकती है. 

यह भी पढ़ेंः US Election 2020: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव आज, अबकी बार ट्रंप या बिडेन की सरकार? जानें वोटिंग की टाइमिंग

मिलिशा ग्रुप कर सकता है अटैक 
अमेरिकी चुनाव में हिंसा की आशंका के बीच मिलिशा समूह (Militia) का नाम सामने आ रहा है. इस समूह को डोनाल्ड ट्रंप का करीबी माना जाता है. पिछले कई इंटरव्यू में भी डोनाल्ड ट्रंप इस बात की आशंका जता चुके हैं कि चुनाव के नतीजों में देरी हो सकती है. चूंकि संविधान में इस हालात के बारे में कोई विचार ही नहीं किया गया है तो राजनैतिक विश्लेषक को डर है कि इस हालात का फायदा भी लिया जा सकता है. बता दें कि अमेरिका में ऐसे हालात भी आए, जब चुनाव के लिए सुप्रीम कोर्ट को दखल देना पड़ा.

कांटे की है टक्कर 
अमेरिका में चुनाव में इस बार कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है. शुरू में काफी आगे चल रहे डोनाल्ड ट्रंप के बाद अब जो बाइडेन बढ़त बनाए हुए हैं. ये समूह मिलिशा के माफिक पुलिस के समानांतर ही अपना संगठन चला रहा है. ये समूह आमतौर पर श्वेत लोगों और उनके अधिकारों की रक्षा की बात करता है. 

यह भी पढ़ेंः प्रियंका राधाकृष्णन ने रचा इतिहास, बनीं न्यूजीलैंड में पहली भारतीय मूल की मंत्री

इन समूहों का भी मिल सकता है साथ 
मिलिशा में 9 अलग-अलग सब-ग्रुप हैं, जो समान सोच रखते हैं. ये समूह हैं- प्राउड ब्‍वायज, पैट्रियट प्रेयर, ओथ कीपर्स, लाइट फुट म‍िल‍िश‍ा, सिविल‍ियन डिफेंस फोर्स, अमेरिकन कंटीजेंसी, बोगालू बोइस और कू क्लक्स क्लान. ये सभी हथियार बंद समूह रिपब्लिकंस को सपोर्ट करते हैं. ये समूह समान विचारधारा पर काम करते हैं और ऑनलाइन या दूसरे तरीकों से एक-दूसरे से जुड़ते हैं. वैसे मिलिशा किसी देश में युद्ध के दौरान सैनिकों की कमी होने पर भर्ती होने वाले लोगों को भी कहते हैं, जो वैसे तो गैर-पेशेवर होते हैं लेकिन जिन्हें हथियारों और शारीरिक श्रम से परहेज नहीं होता.

First Published : 03 Nov 2020, 08:59:19 AM

For all the Latest World News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.