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CORONAVIRUS : कमजोर प्रतिरक्षा और बढ़ते मामले – चिंता का समय?

जब जुलाई के मध्य में संक्रमण दर में गिरावट शुरू हुई, तो वैज्ञानिकों ने कहा कि हमें लगातार गिरावट की उम्मीद नहीं करनी चाहिए, जैसा कि हमने लॉकडाउन के दौरान देखा था.

News Nation Bureau | Edited By : Pradeep Singh | Updated on: 26 Aug 2021, 06:44:58 PM
coronavirus

कोविड-19 (Photo Credit: NEWS NATION)

highlights

  • अमेरिका में हर दिन कोरोना के 30,000 से अधिक नए मामलों की पुष्टि
  • जुलाई के मध्य में अमेरिका में कोरोना संक्रमण दर में शुरू हुई थी गिरावट
  • कोरोना के टीकाकरण से कम हो रही है प्रतिरोधक क्षमता

 

नई दिल्ली:

एक महीने पहले कोरोना वायरस के मामले में गिरवाट आ रही थी. कोरोना के केस एकदम कम हो गये थे. कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लगाये गये सभी प्रतिबंध एक एक करके हटाये गये. ऐसा महसूस हुआ कि कोरोना से निपटने में हम सफल रहे. कोरोना केस में गिरावट का श्रेय कोरोनारोधी वैक्सीन को दिया गया. लेकिन कुछ ही हफ्तों बाद, संक्रमण का स्तर फिर से बढ़ रहा है, अमेरिका में हर दिन 30,000 से अधिक नए मामलों की पुष्टि हो रही है. इस बीच दुनिया भर में कोरोना टीकाकरण की होड़ रही. लेकिन ताजा शोधों से यह निष्कर्ष निकला है कि कोरोना वैक्सीन से प्रतिरक्षा ( IMMUNITY)  कम हो रही है. 

टीकाकरण से प्रतिरक्षा कम हो रही है. अब सवाल यह है कि प्रतिरोधक क्षमता कम होना कितना चिंताजनक है. लेकिन यह भी कहा जा रहा है कि टीकाकरण से प्रतिरक्षा हमेशा कम होने की संभावना रहती है.

वैक्सीन लगने के बाद शरीर में होने वाले परिवर्तन को लेकर दो अध्ययन किए गए. एक - ज़ो कोविड स्टडी ऐप के डेटा पर आधारित और दूसरा ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी का है. जो यह है कि दूसरी खुराक के कई महीनों बाद प्रतिरक्षा शक्ति बढ़ना शुरू हो सकता है.

हालांकि यह भी संभव है कि प्रभावशीलता में स्पष्ट गिरावट इस तथ्य से संबंधित हो सकती है कि समय बीतने के साथ लोगों के बार-बार वायरस के संपर्क में आने की संभावना है. ऐसे में हमे यह सोचना पड़ेगा कि हम कैसे कोवि़ड-19 के प्रसार के बीच सुरक्षित रहने को लिए अभ्यस्त बनें.   

विशेषज्ञों का  स्पष्ट मानना हैं कि हमें अपने जीवनकाल में बार-बार संक्रमित होने की संभावना है. लेकिन प्रत्येक संक्रमण पिछले वाले की तुलना में हल्का होगा. यहां तक ​​​​कि उन शुरुआती संक्रमणों की तुलना में वे हल्के होंगे, क्योंकि टीके गंभीर बीमारी को रोकने में अत्यधिक प्रभावी रहते हैं.

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टीकाकरण और टीकाकरण (जेसीवीआई) पर संयुक्त समिति के प्रोफेसर एडम फिन कहते हैं, "अच्छी खबर" है, क्या टीके प्रभावी रूप से हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को एक शुरुआत देकर वायरस से बढ़त ले चुके हैं, अभी भी बहुत अच्छी तरह से काम कर रहे हैं.

जब जुलाई के मध्य में संक्रमण दर में गिरावट शुरू हुई, तो वैज्ञानिकों ने कहा कि हमें लगातार गिरावट की उम्मीद नहीं करनी चाहिए, जैसा कि हमने लॉकडाउन के दौरान देखा था.

इसके बजाय, मॉडेलर्स ने उस अवधि की भविष्यवाणी की जब संक्रमण का स्तर चारों ओर फैल जाएगा.  ऐसा लग रहा है कि अब ठीक वैसा ही हो रहा है, जिसमें संक्रमण दर चढ़ रही है लेकिन केवल धीरे-धीरे.

विशेषज्ञों का मानना ​​​​है कि हम प्रभावी रूप से एक संतुलन पर पहुंच गए हैं, जिससे छोटे बदलाव - या तो आबादी या व्यवहार में प्रतिरक्षा में और लोगों के संपर्क की संख्या में - संक्रमण के स्तर के बढ़ने या गिरने के बीच अंतर कर सकते हैं.

First Published : 26 Aug 2021, 06:44:58 PM

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