News Nation Logo
आर्यन खान की जमानत पर बॉम्बे हाईकोर्ट में कल फिर होगी सुनवाई बिजनेस के सिलसिले में उनसे बातचीत होती थी: हैनिक बाफना प्रभाकर ने मेरा नाम क्यों लिया मैं नहीं जानता: हैनिक बाफना भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी आर्यन खान की ओर से कर रहे हैं दलील पेश प्रभाकर को अच्छी तरह जानता हूं: हैनिक बाफना मेरे खिलाफ कोई सुबूत नहीं: हैनिक बाफना अगर सुबूत है तो प्रभाकर लाकर दिखाएं: हैनिक बाफना टीम इंडिया के मुख्य कोच पद के लिए राहुल द्रविड़ ने किया आवेदन वीवीएस लक्ष्मण के NCA में पदभार संभालने की संभावना आर्यन खान के वकील ने HC में दाखिल किया हलफनामा HC में आर्यन खान की जमानत याचिका पर सुनवाई शुरू पश्चिम बंगाल में तंबाकू और निकोटिन वाले गुटखा-पान मसाला एक साल के लिए बैन कोवैक्सीन को मिल सकती है अंतरराष्ट्रीय मंजूरी, डब्ल्यूएचओ की बैठक आज उमर मलिक के बेटे पर यूपी सरकार कसेगी शिकंजा, एडमिशन के नाम पर रेस का आरोप पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह कल प्रेसवार्ता कर नई पार्टी का ऐलान कर सकते हैं अरविंद केजरीवाल का ऐलान - यूपी में सरकार बनी तो मुफ्त में अयोध्या की तीर्थ यात्रा कराएंगे

तालिबान के दावों के विपरीत, दुनिया का सबसे बड़ा अफीम आपूर्तिकर्ता बना हुआ है अफगानिस्तान

तालिबान के दावों के विपरीत, दुनिया का सबसे बड़ा अफीम आपूर्तिकर्ता बना हुआ है अफगानिस्तान

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 05 Oct 2021, 09:05:02 PM
Contrary to

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

काबुल: अफगानिस्तान की तालिबान के नेतृत्व वाली सरकार ने मादक पदार्थों के व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर देश को मादक पदार्थ मुक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण दावा किया है।

हालांकि विदेशी सहायता के रुकने, व्यापक बेरोजगारी, कीमतों में वृद्धि, भुखमरी और सूखे के कारण देश में उत्पन्न एक मानवीय संकट के कारण, अफगानिस्तान दुनिया में अफीम का सबसे बड़ा अवैध आपूर्तिकर्ता बना हुआ है।

काबुल की सड़कों पर देखा जा सकता है कि स्थानीय लोग जीवनयापन के लिए अपने घरेलू सामान को बिक्री के लिए रखने पर मजबूर हैं, जबकि छोटे अस्थायी सेटअप हेरोइन को ऊंचे दामों पर बेचते हैं।

अफगानिस्तान में ड्रग्स के अवैध व्यापार और बिक्री में वृद्धि का मुख्य कारण युद्ध के दौरान व्यापक विनाश है, जिसके कारण लाखों लोग अपने घरों से विस्थापित हो गए हैं।

विदेशी सहायता में कटौती ने आर्थिक और मानवीय संकट को बढ़ा दिया है, जिससे अधिकांश अफगानों के पास जीवित रहने के लिए नशीले पदार्थों के व्यापार को अपनाने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है।

यह निर्भरता अफगानिस्तान में और अधिक अस्थिरता लाने और तालिबान के नेतृत्व वाली सरकार के लिए और भी अधिक चुनौतियां लाने के लिए नियत है, क्योंकि कई सशस्त्र समूहों, एथनिक वॉरलॉर्ड्स और यहां तक कि सार्वजनिक अधिकारियों ने अपने लाभ और शक्ति के लिए अवैध नशीले पदार्थों के व्यापार का उपयोग किया है। यह कहना गलत नहीं होगा कि अफीम का उत्पादन तालिबान के लिए एक संभावित वरदान रहा है।

यूएन ऑफिस ऑफ ड्रग्स एंड क्राइम्स (यूएनओडीसी) के काबुल कार्यालय के प्रमुख सीजर गुड्स ने कहा, तालिबान ने अपनी आय के मुख्य स्रोतों में से एक के रूप में अफगान अफीम व्यापार पर भरोसा किया है। अधिक उत्पादन के साथ एक सस्ती और अधिक आकर्षक कीमत के साथ ड्रग्स उपलब्ध होती है और इसलिए इसकी व्यापक पहुंच है।

गुड्स ने कहा, ये सबसे अच्छे क्षण हैं, जिनमें ये अवैध समूह अपने व्यवसायों का विस्तार करने के लिए खुद को उस स्थिति में लाते हैं।

दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका और अन्य देशों ने भी अफगानिस्तान के अवैध ड्रग कारोबार से उत्पन्न खतरों को नजरअंदाज करने का विकल्प चुना है, क्योंकि उन्होंने शायद ही कभी इसका उल्लेख किया हो।

यूएनओडीसी के अनुमान के अनुसार, वैश्विक अफीम और हेरोइन की आपूर्ति का 80 प्रतिशत से अधिक अफगानिस्तान से आ रहा है।

अमेरिका ने पिछले 15 वर्षों में संदिग्ध प्रयोगशालाओं पर लक्षित हवाई हमलों के माध्यम से अफीम और हेरोइन व्यापार के माध्यम से मुनाफाखोरी से तालिबान पर पकड़ मजबूत करने के अपने प्रयास में 8 अरब डॉलर से अधिक खर्च किए हैं।

हालांकि, रणनीति बुरी तरह विफल रही, क्योंकि अफगानिस्तान दुनिया का सबसे बड़ा अफीम आपूर्तिकर्ता बना हुआ है, जिसके रुकने की कोई संभावना नहीं है।

वर्तमान में, अफगान किसान अपने खेतों में अफीम उगा रहे हैं और बो रहे हैं, जबकि गेहूं की कीमत, जो बारिश पर निर्भर है, सूखे की वजह से सिकुड़ रही है।

एक अफगान किसान, जो स्थानीय स्तर पर भी हेरोइन बेचता है, ने बताया कि कैसे अफीम उगाया जाता है और उससे हेरोइन निकाली जाती है।

उन्होंने कहा, हम अफीम के पौधे उगाते हैं, फिर उसमें से अफीम गोंद निकालते हैं। फिर अफीम गोंद को मॉर्फिन और हेरोइन में परिष्कृत किया जाता है।

अफगानिस्तान में नशीले पदार्थो के व्यापार के फलते-फूलते उद्योग के संबंध में अनुमान है कि यह प्रति वर्ष लगभग 6.6 अरब डॉलर का कारोबार है।

इसके बाद उत्पादन को अफ्रीका, यूरोप, कनाडा, रूस, मध्य पूर्व और एशिया के अन्य हिस्सों सहित कई देशों में तस्करी करके निर्यात किया जाता है।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 05 Oct 2021, 09:05:02 PM

For all the Latest World News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.