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ताइवान के नजदीक से ब्रिटिश युद्धपोत गुजरने पर चीन आग बबूला

चीनी सेना ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि उसने ताइवान की खाड़ी से गुज़र रहे एक ब्रिटिश युद्धपोत को ट्रैक करते हुए उन्हें चेतावनी दी है.

News Nation Bureau | Edited By : Vijay Shankar | Updated on: 28 Sep 2021, 10:22:37 AM
china

British warship (Photo Credit: File Photo)

highlights

  • चीन ताइवान द्वीप को अपना हिस्सा मानता रहा है
  • ताइवान-दक्षिण चीन सागर को लेकर अमेरिका से भी है तनातनी
  • चीन ने ब्रिटेन पर दुर्भावनापूर्ण व्यवहार रखने का आरोप लगाया

 

बीजिंग:

चीनी सेना ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि उसने ताइवान की खाड़ी से गुज़र रहे एक ब्रिटिश युद्धपोत को ट्रैक करते हुए उन्हें चेतावनी दी है. युद्धपोत के गुजरने के बाद चीन ने ब्रिटेन पर दुर्भावनापूर्ण व्यवहार रखने का आरोप लगाया है. गौरतलब है चीन ताइवान द्वीप को अपना ही हिस्सा मानता है. ब्रिटिश युद्धपोत फिलहाल एचएमएस रिचमंड, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में तैनात एक एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का हिस्सा है. इस जहाज़ को लेकर ट्विटर अकाउंट पर जारी एक बयान में बताया गया है कि ये इस समय वियतनाम की ओर जा रहा है. चीन ने ताइवान के संवेदनशील जलक्षेत्र से युद्धपोत ले जाने के लिए ब्रिटेन की कड़ी निंदा की है. एचएमएस ने चीनी जहाज के ट्विटर अकाउंट पर एक पोस्ट की थी. 

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ताइवान जलडमरूमध्य से होकर रॉयल नेवी फ्रिगेट के गुजरने के बाद चीन ने ब्रिटेन को उसके बुरे इरादों के लिए कोसा. पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के ईस्टर्न थिएटर कमांड ने चीनी राज्य मीडिया पीपुल्स डेली के हवाले से कहा, इस तरह का व्यवहार बुरे इरादों को पनाह देता है और ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता को नुकसान पहुंचाता है.  ब्रिटिश युद्धपोत एचएमएस रिचमंड के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर एक पोस्ट जारी करने के बाद नाराज चीन ने यह प्रतिक्रिया दी. रॉयल नेवी के टाइप 23 फ्रिगेट, जो एचएमएस क्वीन एलिजाबेथ के नेतृत्व में यूके के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप 21 (सीएसजी 21) का हिस्सा है, ने घोषणा की कि यह वियतनाम के रास्ते में ताइवान के इलाकों से होकर गुजर रहा था.

 
घटनाक्रम चीन और ताइवान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया है, जिसका अपना संविधान, सैन्य और लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार है. ताइवान एक गृहयुद्ध के दौरान मुख्य भूमि से अलग हो गया जिसके परिणामस्वरूप 1949 में कम्युनिस्ट पार्टी का नियंत्रण हो गया. बीजिंग इस द्वीप को एक अलग प्रांत के रूप में देखता रहा है जबकि ताइपे में अधिकारियों ने "एक देश, दो प्रणालियों" के लिए चीन के प्रस्ताव को लगातार खारिज कर चुका है. एक तरफ पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना और दूसरी तरफ अमेरिका और उसके सहयोगियों के बीच तनाव दो विवादास्पद मुद्दों पर चल रहा है. इनमें से पहला ताइवान और दूसरा दक्षिण चीन सागर की स्थिति को लेकर.

बीजिंग ने ताइवान के मामलों में कथित दखल के लिए वाशिंगटन की बार-बार निंदा की है, जिसे वह चीन का अभिन्न अंग मानता है. वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई और फिलीपींस जैसे अन्य देशों के साथ, बीजिंग दक्षिण चीन सागर में रणनीतिक और संसाधन-समृद्ध समुद्री क्षेत्र के व्यापक क्षेत्रों का दावा करता है. चीन के अलावा अन्य दावेदारों को समर्थन प्रदर्शित करते हुए नियमित रूप से इस क्षेत्र के माध्यम से अपने युद्धपोतों को भेजता है. अगस्त के अंत में, बीजिंग ने दो अमेरिकी युद्धपोतों के गुजरने के बाद ताइवान जलडमरूमध्य में स्थिरता को कम करने" के लिए वाशिंगटन की निंदा की थी. 

First Published : 28 Sep 2021, 10:18:07 AM

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