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Iran में हिजाब विरोधी आंदोलन के बीच सेलिब्रिटी शेफ की हिरासत में मौत

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 30 Oct 2022, 06:47:25 PM
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ईरान का जैमी ओलिवर कहा जाता था शहीदी को. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • ईरान के रिवॉल्यशूनरी गार्ड्स की पिटाई से महर्शाद शहीदी की मौत
  • शहीदी की मौत उसके 20वें जन्म से एक दिन पहले हिरासत में हुई
  • परिजनों का आरोप अधिकारी मौत का कारण हार्ट अटैक बताने पर अड़े

तेहरान:  

ईरान (Iran) के जैमी ओलिवर कहे जाने वाले सेलिब्रिटी शेफ महर्शाद शहीदी की हिजाब विरोधी (Hijab Protest) आंदोलन के दौरान सुरक्षा बलों की पिटाई से हिरासत में मौत हो गई. इसके बाद हिजाब विरोधी आंदोलन ने नए सिरे से तेजी पकड़ ली है. द टेलीग्राफ की खबर के मुताबिक शहीदी को ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने अर्क शहर में हिरासत में लिया था. शहीदी की अपने 20वें जन्मदिन से एक दिन पहले हिरासत में मौत हुई है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक शहीदी के सिर पर गार्ड्स की पिटाई से गंभीर चोटें आई थीं. सुरक्षा बलों की हिरासत में शहीदी की मौत के बाद हजारों लोग उसके अंतिम संस्कार में शामिल हुए. 

मौत हिरासत में होने की बात छुपाने का दबाव
ईरान इंटरनेशनल टीवी ने महर्शाद शहीदी के एक रिश्तेदार के हवाले से हिरासत में शहीदी की मौत का सिलसिलवार ब्योरा प्रकाशित किया है. इस टीवी न्यूज में शहीदी के एक नजदीकी रिश्तेदार कहते पाए जा रहे हैं, 'शहीदी की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा बलों ने बेंत से उसके सिर पर वार किए थे. इस कारण अंदरूनी चोटों की वजह से उसकी मौत हो गई, लेकिन अब सरकार के प्रतिनिधि शहीदी की मौत के लिए हार्ट अटैक को जिम्मेदार बताने के लिए दबाव बनाए हुए हैं.' शहीदी के परिजनों का भी कहना है कि अधिकारियों ने उनसे शहीदी की मौत के लिए दिल का दौरा कारण बताने को कहा है. 

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शहीदी के इंस्टाग्राम पर 25 हजार फॉलोअर्स
सेलिब्रिटी शेफ शहीदी को ईरान का जैमी ओलिवर भी कहा जाता था. शहीदी के इंस्टाग्राम पर 25 हजार फॉलोअर्स थे. शहीदी के पाक कला के वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किए जाते थे. गौरतलब है कि ईरान की विवादास्पद मॉरेलिटी पुलिस की हिरासत में 22 साल की महसा अमीनी की मौत के बाद हिजाब विरोध आंदोलन न सिर्फ हिंसक हो गया, बल्कि सरहद पार कर अन्य देशों में भी फैल गया. अब तक हिजाब विरोधी आंदोलन को कुचलने के लिए सुरक्षा बलो की बरती गई सख्ती में 250 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं. महसा अमीनी को सलीके से हिजाब नहीं पहनने के आरोप में तेहरान में गिरफ्तार किया गया था. महसा अपने भाई के साथ रिश्तेदारी में शामिल होने तेहरान गई हुई थीं.

First Published : 30 Oct 2022, 06:46:34 PM

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