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फ्रांस में अवैध रूप से घुसने की कोशिश कर रहे 31 पाकिस्तानी प्रवासी एक लॉरी से मिले, जानें फिर क्या हुआ

दक्षिणी फ्रांस में अवैध रूप से प्रवेश करने की कोशिश कर रहे 31 पाकिस्तानी प्रवासियों को एक लॉरी में छिपे हुए पाया गया.

By : Deepak Pandey | Updated on: 04 Nov 2019, 04:30:00 AM
पाकिस्तान के पीएम इमरान खान

नई दिल्ली:

दक्षिणी फ्रांस में अवैध रूप से प्रवेश करने की कोशिश कर रहे 31 पाकिस्तानी प्रवासियों को एक लॉरी में छिपे हुए पाया गया. अभियोजन पक्ष ने शनिवार को इस बात की जानकारी दी. डॉन न्यूज के अनुसार, उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी वाहन चालक को भी हिरासत में ले लिया गया है.

ब्रिटेन में पिछले महीने 39 लोगों के एक रेफ्रीजरेटर ट्रक में मृत पाए जाने के बाद से खोजी अभियान चलाया जा रहा है. प्रवासी अवैध रूप से यूरोप में प्रवेश करने के लिए जोखिम उठाते रहते हैं. फ्रेंच वकील ने कहा कि 31 पाकिस्तानी प्रवासियों का यह समूह पुलिस के हाथ उस वक्त लगा, जब शुक्रवार को इटली की सीमा के पास मोटरवे में रूटीन तलाशी चल रही थी.

आव्रजन प्रक्रियाओं के अनुसार, तीन किशोरों सहित सभी प्रवासियों को इटली के अधिकारियों को सौंप दिया गया है. दक्षिण पूर्वी शहर नाइस में स्थित वकीलों के कार्यालय की ओर से कहा गया, "जैसा कि हम हमेशा इस प्रकार के मामले में करते आ रहे हैं, हम इस गिरोह का पता लगाने और इसे पकड़वाने की कोशिश करेंगे."

वहीं, पाकिस्तान की राजधानी इन दिनों आजादी मार्च के हजारों प्रदर्शनकारियों की भीड़ का गवाह बन रही है. इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे मौलाना फजलुर रहमान जहां पाकिस्तान के पीएम इमरान खान के इस्तीफे, देश में नया चुनाव और एनआरओ (नेशनल रेकन्सिलिएशन आर्डिनेंस) पर अड़े हैं, वहीं सरकार ने इन मांगों को खारिज कर दिया है. इस बीच मौलाना ने इमरान सरकार को दो दिन का अल्टीमेटम दिया था, जो आज रात खत्म हो जाएगा और देखना है कि प्रदर्शनकारी क्या कदम उठाते हैं.

इस बीच इमरान सरकार ने कहा कि इन मांगों पर विचार का कोई सवाल ही नहीं उठता है. आजादी मार्च के नेताओं के साथ वार्ता करने वाले रक्षा मंत्री परवेज खटक ने कहा कि वे भड़काऊ भाषण दे रहे हैं और बगावत को उकसा रहे हैं. मौलाना ने इमरान सरकार को दो दिन अल्टीमेटम देने के दौरान चेताया था कि अगर इमरान खान इस्तीफा नहीं देते तो उनके समर्थक पीएम आवास पर धावा बोल देंगे.

सरकार को इस बात की चिंता है कि प्रदर्शनकारी वीआईपी जोन में न प्रवेश कर जाएं, जहां प्रमुख सरकारी ऑफिस और दूतावास आदि हैं. इस बीच सरकार ने कहा है कि प्रदर्शनकारी अगर रेड जोन में प्रवेश करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. पाकिस्तान सरकार ने जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने और प्रधानमंत्री इमरान खान और सरकारी संस्थानों के खिलाफ 'लोगों को भड़काने' के लिए विद्रोह का मामला दर्ज करने का फैसला किया है.

First Published : 04 Nov 2019, 04:30:00 AM

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