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प्रतीकात्मक फोटो( Photo Credit : फाइल फोटो)
इराक सरकार ने शुक्रवार को कहा कि बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और जन सेवाओं की कमी के विरोध में चल रहे राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 24 हो गई और 2,000 से ज्यादा लोग घायल हो गए. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, इराकी इंडिपेंडेंट हाई कमीशन ऑफ ह्यूमन राइट्स (आईएचसीएचआर) द्वारा जारी बयान के अनुसार, आंसू गैस के गोलों से दम घुटने या प्रांतीय सरकारों और राजनीतिक दलों के कार्यालयों की सुरक्षा करने वाले सुरक्षाकर्मियों की गोली लगने से 24 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई.
संसद द्वारा मान्यता प्राप्त आयोग ने कहा कि राजधानी बगदाद में आठ, मायसन प्रांत में छह, धी कार प्रांत में छह और बसरा तथा मुथन्ना प्रांतों में चार प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है. प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों को मिलाकर घायलों की संख्या बढ़कर 2,047 हो गई है और राजधानी बगदाद में सबसे ज्यादा घायल हुए हैं. बयान के अनुसार, "सबसे ज्यादा मौतें गोली लगने, आंसू गैस या रबर की गोली लगने से हुईं."
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शुक्रवार को शुरुआत में टिगरिस नदी के पूर्व की तरफ सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने जुलूस निकाला और इराकी सरकार का प्रशासनिक केंद्र ग्रीन जोन जाने के लिए अल-जुम्हौरिया पुल पार करने की कोशिश की. प्रदर्शनकारियों द्वारा बार-बार पुल पार करने की कोशिश करने के बाद सुरक्षा बलों को पुल को तीन मीटर ऊंची कंक्रीट की दीवार से ब्लॉक कर दिया. इसी महीने बगदाद और अन्य मध्य तथा दक्षिणी प्रांतों में इन्हीं कारणों के कारण हुए प्रदर्शनों में सुरक्षाकर्मियों समेत 157 लोगों की मौत हो गई थी.