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इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने अमेरिका के ग्रीनलैंड पर कब्ज़ा करने को लेकर चल रही अटकलों पर बड़ा बयान दिया है. शुक्रवार को अपनी पारंपरिक नए साल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेलोनी ने साफ कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अमेरिका इस रणनीतिक द्वीप पर नियंत्रण पाने के लिए मिलिट्री फोर्स का इस्तेमाल करेगा. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा कोई कदम उठाया गया, तो इसके NATO पर गंभीर और दूरगामी प्रभाव पड़ सकते हैं.
NATO की भूमिका पर जोर
मेलोनी ने कहा कि अमेरिका की सुरक्षा चिंताओं को कम करने का बेहतर रास्ता एकतरफा सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि आर्कटिक क्षेत्र में NATO की मौजूदगी को मजबूत करना है. उनके मुताबिक, इससे आर्कटिक में प्रतिद्वंद्वी ताकतों के बढ़ते प्रभाव को संतुलित किया जा सकता है और वाशिंगटन पर कठोर कदम उठाने का दबाव भी कम होगा.
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'मैं इस विकल्प का समर्थन नहीं करूंगी कि अमेरिका ग्रीनलैंड पर नियंत्रण के लिए सैन्य कार्रवाई करे.'
Italy's Meloni:
— Clash Report (@clashreport) January 9, 2026
Geopolitics is not gossip.
What should we do? Should we close American bases?Should we break trade relations?
Should we storm McDonald’s?
I don't know what we should do. pic.twitter.com/BfuBCGGtN0
ट्रंप से सहमति और असहमति दोनों
हालांकि मेलोनी को यूरोप में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगियों में गिना जाता है, लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया कि वे हर मुद्दे पर उनसे सहमत नहीं हैं. हालिया वेनेजुएला सैन्य अभियान पर उन्होंने ट्रंप का समर्थन किया, लेकिन ग्रीनलैंड के मुद्दे पर असहमति जताई.
मेलोनी ने कहा, 'मैं वेनेजुएला पर ट्रंप से सहमत थी, लेकिन ग्रीनलैंड पर नहीं. इस विशाल और रणनीतिक रूप से अहम क्षेत्र पर अमेरिका का कब्ज़ा किसी के हित में नहीं है, यहां तक कि अमेरिका के भी नहीं.'
व्हाइट हाउस के बयान से बढ़ी चिंता
बता दें कि व्हाइट हाउस ने हाल ही में कहा था कि अमेरिका ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रहा है, जिनमें सैन्य हस्तक्षेप की संभावना भी शामिल है. इस बयान के बाद यूरोप में चिंता बढ़ गई है. मेलोनी ने कहा कि यह सभी के लिए स्पष्ट है कि ऐसा कदम NATO की एकता और विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा सकता है, यही वजह है कि उन्हें संदेह है कि अमेरिका वास्तव में इस रास्ते पर जाएगा.
अंतरराष्ट्रीय कानून की पैरवी
मेलोनी, जो पिछले वर्ष ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वाली एकमात्र यूरोपीय नेता थीं, ने कहा कि वे ट्रंप के सामने अपनी असहमति खुलकर रखती हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान और रक्षा बेहद जरूरी है. उनके मुताबिक, मजबूत कूटनीति और सामूहिक सुरक्षा ढांचा ही आर्कटिक जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखने का सही रास्ता है.
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