डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका ने कई बार दावा किया है कि भारत रूस से तेल खरीदना कम रहा है. ऐसे में लोगों में मन में सवाल आता है कि क्या वाकई भारत रूस से तेल का आयात कम कर रहा है. क्या भारत वेनेजुएला से तेल खरीदेगा. इस सभी भारत सरकार की प्रतिक्रिया आई है. भारत सरकार ने इन मुद्दों के अलावा, अमेरिका-ईरान तनाव पर भी अपना पक्ष रखा.
क्या वेनेजुएला से तेल खरीदेगा भारत
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सप्ताह से जो बयान दिए गए हैं, वह भारत की नीतियों को दर्शाते हैं. जायसवाल ने साफ किया कि वेनेजुएला से तेल खरीदा जाएगा, अगर व्यापारिक रूप से वह लाभकारी होगा. यानी कीमत, क्वालिटी और लॉजिस्टिक्स सही होने पर ही इस ऑप्शन को अपनाया जा सकता है.
रूस के साथ कैसे संबंध हैं
रूस के साथ संबंधों पर जायसवाल ने कहा कि हमारी ऊर्जा नीति देश की जरूरतों और सुरक्षा को प्राथमिकता देती है. तेल खरीदने के फैसले हित और व्यावसायिक लाभ को ध्यान में रखते हुए ही लिए जाएंगे.
ईरान-अमेरिका संघर्ष पर भारत की नजर
जायसवाल ने अमेरिका-ईरान तनाव पर कहा कि भारत दुनिया भर में अपने नागरिकों की सुरक्षा, द्विपक्षीय संबंधों और इंटरनेशनल संबंधों को प्राथमिकता देता है. उन्होंने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर भारत की नजर है. वहां रहने वाले भारतीय समुदाय से लगातार संपर्क बनाया जा रहा है, जिससे उनकी सुरक्षित सुनिश्चित की जा सके.
पाकिस्तान के साथ सिर्फ एक समस्या
पाकिस्तान के साथ भारत के रिश्तों पर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के साथ भारत की एकमात्र समस्या सीमा पार आतंकवाद है. इस पर नई दिल्ली को दीर्घकालिक चिंता को उन्होंने बताया. जायसवाल ने कहा कि अफगानिस्तान के साथ भारत को कोई समस्या नहीं है. दोनों देशों के रिश्ते पहले जैसे ही हैं.
इस शर्त पर ही वेनेजुएला से तेल खरीद सकता है भारत, रूस के साथ संबंधों पर जानें क्या बोला विदेश मंत्रालय
ईरान-अमेरिका के बीच जारी तनाव पर रणधीर जायसवाल ने भारत की स्थिति साफ की. जायसवाल ने कहा कि भारत दुनिया भर में अपने नागरिकों की सुरक्षा, द्विपक्षीय संबंध और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्राथमिकता देता है.
ईरान-अमेरिका के बीच जारी तनाव पर रणधीर जायसवाल ने भारत की स्थिति साफ की. जायसवाल ने कहा कि भारत दुनिया भर में अपने नागरिकों की सुरक्षा, द्विपक्षीय संबंध और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्राथमिकता देता है.
रणधीर जयसवाल: (X)
डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका ने कई बार दावा किया है कि भारत रूस से तेल खरीदना कम रहा है. ऐसे में लोगों में मन में सवाल आता है कि क्या वाकई भारत रूस से तेल का आयात कम कर रहा है. क्या भारत वेनेजुएला से तेल खरीदेगा. इस सभी भारत सरकार की प्रतिक्रिया आई है. भारत सरकार ने इन मुद्दों के अलावा, अमेरिका-ईरान तनाव पर भी अपना पक्ष रखा.
क्या वेनेजुएला से तेल खरीदेगा भारत
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सप्ताह से जो बयान दिए गए हैं, वह भारत की नीतियों को दर्शाते हैं. जायसवाल ने साफ किया कि वेनेजुएला से तेल खरीदा जाएगा, अगर व्यापारिक रूप से वह लाभकारी होगा. यानी कीमत, क्वालिटी और लॉजिस्टिक्स सही होने पर ही इस ऑप्शन को अपनाया जा सकता है.
रूस के साथ कैसे संबंध हैं
रूस के साथ संबंधों पर जायसवाल ने कहा कि हमारी ऊर्जा नीति देश की जरूरतों और सुरक्षा को प्राथमिकता देती है. तेल खरीदने के फैसले हित और व्यावसायिक लाभ को ध्यान में रखते हुए ही लिए जाएंगे.
ईरान-अमेरिका संघर्ष पर भारत की नजर
जायसवाल ने अमेरिका-ईरान तनाव पर कहा कि भारत दुनिया भर में अपने नागरिकों की सुरक्षा, द्विपक्षीय संबंधों और इंटरनेशनल संबंधों को प्राथमिकता देता है. उन्होंने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर भारत की नजर है. वहां रहने वाले भारतीय समुदाय से लगातार संपर्क बनाया जा रहा है, जिससे उनकी सुरक्षित सुनिश्चित की जा सके.
पाकिस्तान के साथ सिर्फ एक समस्या
पाकिस्तान के साथ भारत के रिश्तों पर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के साथ भारत की एकमात्र समस्या सीमा पार आतंकवाद है. इस पर नई दिल्ली को दीर्घकालिक चिंता को उन्होंने बताया. जायसवाल ने कहा कि अफगानिस्तान के साथ भारत को कोई समस्या नहीं है. दोनों देशों के रिश्ते पहले जैसे ही हैं.