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Laureate Narges Mohammadi
Laureate Narges Mohammadi: नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित और ईरान की जेल में बंद मानवाधिकार कार्यकर्ता नरगिस मोहम्मदी की परेशानियां और बढ़ गई हैं. ईरान की अदालत ने उन्हें और 7 साल की जेल की सजा सुनाई है. इसके साथ ही दो साल का यात्रा प्रतिबंध भी लगाया गया है. उनके वकीलों और समर्थकों का कहना है कि यह सजा महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाने की वजह से दी गई है. हालांकि, ईरान सरकार ने अभी तक इस फैसले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
भूख हड़ताल के बाद बढ़ा दबाव
नरगिस मोहम्मदी ने जेल में रहते हुए भूख हड़ताल शुरू की थी. उन्होंने यह कदम अपनी कथित गैरकानूनी गिरफ्तारी, जेल की खराब व्यवस्था और राजनीतिक कैदियों की स्थिति के विरोध में उठाया. समर्थकों का दावा है कि भूख हड़ताल के बाद ही ईरान ने उन्हें और सख्त सजा सुनाई.
वकील ने दी सजा की जानकारी
नरगिस मोहम्मदी के वकील मुस्तफा नीली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि 6 साल की सजा 'साजिश रचने और एकत्र होने' के आरोप में डेढ़ साल की सजा सरकारी विरोधी प्रचार के आरोप में 2 साल का यात्रा प्रतिबंध लगाया है.
कौन हैं नरगिस मोहम्मदी
नरगिस मोहम्मदी एक लेखिका और मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं. वह मानवाधिकार रक्षक केंद्र (DHRC) की उप निदेशक भी रह चुकी हैं.
पिछले करीब 30 सालों से वह ईरान में महिलाओं के अधिकारों और आजादी की लड़ाई लड़ रही हैं. अब तक उन्हें 13 बार गिरफ्तार किया जा चुका है और पहले ही 31 साल की जेल सजा सुनाई जा चुकी है.
2023 में मिला नोबेल शांति पुरस्कार
साल 2023 में नरगिस मोहम्मदी को ईरान में महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ संघर्ष के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया था.
उस वक्त वह जेल में थीं, इसलिए उनके बच्चों ने उनकी ओर से यह पुरस्कार स्वीकार किया था. नरगिस मोहम्मदी को ईरान सरकार की सबसे साहसी आलोचकों में गिना जाता है.
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