'नेतन्याहू का भी कर लो अपहरण', अमेरिका और तुर्की से अपनी अजीबोगरीब गुहार को लेकर चर्चा में पाक रक्षा मंत्री

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इज़रायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को लेकर विवादित बयान देकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है.

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इज़रायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को लेकर विवादित बयान देकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है.

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Yashodhan Sharma
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Pak Defense Minister Khwaja Asif

ख्वाजा आसिफ (file photo)

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ एक बार फिर अपने विवादित और तीखे बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं. इस बार उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है. एक टीवी इंटरव्यू के दौरान ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अगर अमेरिका वास्तव में मानवता में विश्वास रखता है, तो उसे नेतन्याहू का अपहरण कर लेना चाहिए, ठीक उसी तरह जैसे वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के साथ किया गया.

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तुर्की भी नेतन्याहू को अगवा कर सकता है- ख्वाजाा आसिफ

ख्वाजा आसिफ यहीं नहीं रुके. उन्होंने यह भी दावा किया कि तुर्की भी नेतन्याहू का अपहरण कर सकता है और पाकिस्तानी इसके लिए प्रार्थना कर रहे हैं. इंटरव्यू में आसिफ ने नेतन्याहू को “मानवता का सबसे बड़ा अपराधी” बताते हुए गाजा में फिलिस्तीनियों के खिलाफ इजरायल की कार्रवाई को इतिहास का सबसे बड़ा अत्याचार करार दिया.

नेतन्याहू का समर्थन करने वालों पर भी हो कार्रवाई

आसिफ ने कहा कि पिछले चार से पांच हजार सालों में किसी भी समुदाय के साथ वैसा व्यवहार नहीं हुआ, जैसा फिलिस्तीनियों के साथ किया गया है. उनके मुताबिक, दुनिया ने नेतन्याहू जैसा अपराधी कभी नहीं देखा. उन्होंने यह भी इशारा किया कि नेतन्याहू का समर्थन करने वालों पर भी कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए.

जब एंकर ने कहा ख्वाजा आसिफ ऑन एयर नहीं रहेंगे

इतना ही नहीं इंटरव्यू के दौरान माहौल तब और गंभीर हो गया जब एंकर हामिद मीर ने बीच में हस्तक्षेप किया. उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री के इस बयान को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर इशारा माना जा सकता है. इसके बाद मीर ने यह भी कहा कि ब्रेक के बाद ख्वाजा आसिफ ऑन एयर नहीं रहेंगे.

तो इसलिए है इजरायल को पाक सेना से आपत्ति

बता दें कि पाकिस्तान ने अब तक इजरायल को आधिकारिक मान्यता नहीं दी है और वह ईरान के साथ अपने संबंधों को भाईचारे और साझा क्षेत्रीय हितों के तौर पर पेश करता रहा है. वहीं दूसरी ओर, इजरायल ने गाजा को लेकर प्रस्तावित इंटरनेशनल स्टेबलेशन फोर्स में पाकिस्तानी सेना की संभावित भागीदारी को साफ तौर पर खारिज कर दिया है. इजरायली राजदूत ने कहा कि कट्टरपंथी संगठनों से पाकिस्तान के कथित संबंधों के चलते गाजा में पाकिस्तानी सेना की किसी भी भूमिका पर इजरायल को आपत्ति है.

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pakistan Benjamin Netanyahu
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