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Jaishankar: (ANI)
भारत और यूरोपीयन यूनियन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हो गया है. इस बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर अगले सप्ताह अमेरिका जा सकते हैं. जयशंकर वहां आयोजित क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल बैठक में शामिल होंगे. अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में बैठक का आयोजन होगा. अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो बैठक की मेजबानी करेंगे. बैठक से इतर जयशंकर और रूबियों के बीच बैठक भी होगी, जिसमें दोनों नेता विभिन्न मुद्दों पर बात करेंगे.
क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल बैठक का उद्देश्य दुनिया भर में कई देशों को एक मंच पर लाना है, जिससे अहम खनिजों की सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए सहयोग बढ़ाया जा सकता है. इनमें लिथियम, निकल, कोबाल्ट जैसे जरूरी मटेरियल शामिल हैं. ये सभी खनिज ईवी और रिन्यूवल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर डिफेंस सिस्टम्स तक की बुनियादी हैं.
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील के वजह से तनाव
ये हाई लेवल मीटिंग ऐसे वक्त में हो रही है. जब भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील के वजह से काफी ज्यादा तनाव बना हुआ है. ऐसे में माना जा रहा है कि अगर जयशंकर अमेरिका जाते हैं तो दोनों देशों के रिश्तों में आए तनाव को कम करने की कोशिश की जा सकती है. दोनों नेता पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात की संभावनाओं पर भी बात कर सकते हैं.
यूरोपियन यूनियन के साथ हुए समझौते से क्या फायदा
यूरोपियन यूनियन के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते की वजह से भारतीय कंपनियों को यूरोप के बाजारों में प्राथमिकता से पहुंच मिलेगी. इससे मेड इन इंडिया मेडिकल उपकरणों पर टैरिफ कम हो जाएगा. साथ ही रसायन, कॉस्मैटिक, साबुनस दवाएं, डिटर्जेंट और उर्वरक जैसे क्षेत्रों में तेजी से विकास होगा. उत्पादन क्षमता बढ़ाने और एमएसएमई क्लस्टर विकसित करने में भी काफी मदद मिलेगी.
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