ईरान ने अमेरिका को उसके आंतरिक मामलों में किसी भी तरह के हस्तक्षेप के खिलाफ सख्त चेतावनी दी है. यह चेतावनी उस समय आई जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर ईरानी अधिकारी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा करते हैं तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आगे आएगा. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के सलाहकार Ali Shamkhani ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि ईरान की सुरक्षा एक लाल रेखा है और किसी भी बहाने से इस सीमा के करीब आने वाले हाथ को कठोर जवाब दिया जाएगा.
अमेरिकी हस्तक्षेप पर तंज
अली शमखानी ने अमेरिका के अतीत के हस्तक्षेपों पर तंज कसते हुए कहा कि ईरानी जनता अच्छी तरह जानती है कि अमेरिकी “बचाव” का क्या अर्थ होता है. उन्होंने Iraq, Afghanistan और Gaza में अमेरिकी कार्रवाइयों का हवाला दिया. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा था कि अगर ईरान ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या की तो अमेरिका “लॉक्ड एंड लोडेड” है और उनकी मदद करेगा.
आर्थिक संकट से उपजे प्रदर्शन
यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के कई हिस्सों में आर्थिक कठिनाइयों को लेकर प्रदर्शन छठे दिन में प्रवेश कर चुके हैं. बढ़ती महंगाई, आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में उछाल और राष्ट्रीय मुद्रा के तेज अवमूल्यन ने आम जनता में गहरी नाराजगी पैदा की है.
कुछ इलाकों में सरकार विरोधी नारे भी लगाए जाने की खबरें हैं. अधिकारियों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इन घटनाओं से जुड़े मामलों में अब तक कम से कम सात लोगों की मौत हो चुकी है. ईरानी प्रशासन का कहना है कि विदेशी ताकतें आर्थिक असंतोष का फायदा उठाकर अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रही हैं.
क्षेत्रीय अस्थिरता की चेतावनी
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव Ali Larijani ने भी अमेरिका और Israel पर विरोध प्रदर्शनों को भड़काने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अमेरिकी दखल से पूरे क्षेत्र में अराजकता फैल सकती है और इससे खुद अमेरिका के हितों को नुकसान पहुंचेगा.
2022 के बाद सबसे बड़ा संकट
मौजूदा अशांति को 2022 के बाद ईरान में सबसे गंभीर बताया जा रहा है, जब पुलिस हिरासत में Mahsa Amini की मौत के बाद देशभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे. उस समय की घटनाओं ने ईरानी नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी और मौजूदा हालात को भी उसी कड़ी में देखा जा रहा है.
ये भी पढ़ें- ईरान में जेनजी प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी से भड़के ट्रंप, अमेरिकी मदद का दिया ऑफर
डोनाल्ड ट्रंप के बयान भड़के खामेनेई, ईरान के मामले में दखल देने पर दी कड़ी चेतावनी
ईरान ने अमेरिका को आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है. यह प्रतिक्रिया डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर ईरान ने प्रदर्शनकारियों पर हिंसा की तो अमेरिका मदद करेगा. आर्थिक संकट के बीच देश में विरोध प्रदर्शन जारी हैं.
ईरान ने अमेरिका को आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है. यह प्रतिक्रिया डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर ईरान ने प्रदर्शनकारियों पर हिंसा की तो अमेरिका मदद करेगा. आर्थिक संकट के बीच देश में विरोध प्रदर्शन जारी हैं.
वर्ल्ड न्यूज Photograph: (X)
ईरान ने अमेरिका को उसके आंतरिक मामलों में किसी भी तरह के हस्तक्षेप के खिलाफ सख्त चेतावनी दी है. यह चेतावनी उस समय आई जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर ईरानी अधिकारी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा करते हैं तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आगे आएगा. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के सलाहकार Ali Shamkhani ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि ईरान की सुरक्षा एक लाल रेखा है और किसी भी बहाने से इस सीमा के करीब आने वाले हाथ को कठोर जवाब दिया जाएगा.
अमेरिकी हस्तक्षेप पर तंज
अली शमखानी ने अमेरिका के अतीत के हस्तक्षेपों पर तंज कसते हुए कहा कि ईरानी जनता अच्छी तरह जानती है कि अमेरिकी “बचाव” का क्या अर्थ होता है. उन्होंने Iraq, Afghanistan और Gaza में अमेरिकी कार्रवाइयों का हवाला दिया. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा था कि अगर ईरान ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या की तो अमेरिका “लॉक्ड एंड लोडेड” है और उनकी मदद करेगा.
आर्थिक संकट से उपजे प्रदर्शन
यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के कई हिस्सों में आर्थिक कठिनाइयों को लेकर प्रदर्शन छठे दिन में प्रवेश कर चुके हैं. बढ़ती महंगाई, आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में उछाल और राष्ट्रीय मुद्रा के तेज अवमूल्यन ने आम जनता में गहरी नाराजगी पैदा की है.
कुछ इलाकों में सरकार विरोधी नारे भी लगाए जाने की खबरें हैं. अधिकारियों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इन घटनाओं से जुड़े मामलों में अब तक कम से कम सात लोगों की मौत हो चुकी है. ईरानी प्रशासन का कहना है कि विदेशी ताकतें आर्थिक असंतोष का फायदा उठाकर अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रही हैं.
क्षेत्रीय अस्थिरता की चेतावनी
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव Ali Larijani ने भी अमेरिका और Israel पर विरोध प्रदर्शनों को भड़काने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अमेरिकी दखल से पूरे क्षेत्र में अराजकता फैल सकती है और इससे खुद अमेरिका के हितों को नुकसान पहुंचेगा.
2022 के बाद सबसे बड़ा संकट
मौजूदा अशांति को 2022 के बाद ईरान में सबसे गंभीर बताया जा रहा है, जब पुलिस हिरासत में Mahsa Amini की मौत के बाद देशभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे. उस समय की घटनाओं ने ईरानी नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी और मौजूदा हालात को भी उसी कड़ी में देखा जा रहा है.
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