खामेनेई के बाद ईरान को मिला एक और बड़ा जख्म, हर तरफ छाया मातम

अमेरिका और इजरायल ईरान को गहरे और न भुलापाने वाले जख्म दे रहे हैं. पहले देश के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को मार गिराया गया. इस हमले में उसके परिवार के अन्य लोगों को भी मौत के घाट उतार दिया गया है.

अमेरिका और इजरायल ईरान को गहरे और न भुलापाने वाले जख्म दे रहे हैं. पहले देश के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को मार गिराया गया. इस हमले में उसके परिवार के अन्य लोगों को भी मौत के घाट उतार दिया गया है.

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Dheeraj Sharma
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Khamenei wife died

अमेरिका और इजरायल ईरान को गहरे और न भुलापाने वाले जख्म दे रहे हैं. पहले देश के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को मार गिराया गया. इस हमले में उसके परिवार के अन्य लोगों को भी मौत के घाट उतार दिया गया है. लेकिन इन सबके बीच एक और बड़ी खबर सामने आ रही है. मिली जानकारी के मुताबिक अली खामेनेई की पत्नी मंसूरेह खोजस्तेह बाघेरजादेह  का निधन हो गया है. यानी ईरान को एक और बड़ा जख्म लगा है.  ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार हाल ही में हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों में वे घायल हो गई थीं और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. इस घटना के बाद देश में शोक की लहर फैल गई है.

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हालांकि अमेरिका और इजराइल ने खामेनेई के परिवार के अन्य सदस्यों की मौत की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है, लेकिन ईरानी मीडिया लगातार दावा कर रहा है कि हमलों में परिवार के कई लोग हताहत हुए.

निजी जीवन में सादगी, सार्वजनिक जीवन से दूरी

मंसूरेह ने वर्ष 1964 में अली खामेनेई से विवाह किया था. वे हमेशा सार्वजनिक और राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहीं। सरकारी कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति बेहद कम देखी जाती थी.

उनका परिवार मशहद के प्रतिष्ठित कारोबारी परिवारों में गिना जाता है. उनके पिता मोहम्मद इस्माइल खोजस्तेह बाघेरजादेह एक जाने-माने व्यवसायी थे. उनके भाई हसन खोजस्तेह ईरान के सरकारी प्रसारण नेटवर्क इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) में डिप्टी डायरेक्टर रह चुके हैं.

खामेनेई परिवार पर हमले का दावा

रिपोर्टों के मुताबिक, खामेनेई के आवासीय परिसर पर लगभग 30 मिसाइलें दागी गईं. ईरानी मीडिया का दावा है कि इस हमले में उनकी बेटी, दामाद, बहू और पोती समेत कई सैन्य कमांडर मारे गए.

इन दावों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ईरान ने हमले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. खामेनेई के निधन के बाद 40 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है. वे 1989 से देश के सर्वोच्च राजनीतिक और धार्मिक नेता रहे थे.

छह संतानों का परिवार

अली खामेनेई और मंसूरेह के छह बच्चे हैं चार बेटे और दो बेटियां. बेटों के नाम मोस्तफा, मोजतबा, मसूद और मेयसाम हैं, जबकि बेटियां बोशरा और होदा हैं. सबसे बड़े बेटे मोस्तफा धार्मिक विद्वान माने जाते हैं और उन्होंने ईरान-इराक युद्ध में भी भाग लिया था. मसूद ने एक राजनीतिक परिवार में विवाह किया, लेकिन वे किसी आधिकारिक पद पर सक्रिय नहीं हैं. परिवार में कई पोते-पोतियां भी हैं, हालांकि सार्वजनिक रूप से सीमित जानकारी ही उपलब्ध है.

भाई-बहनों और रिश्तेदारों का दायरा

खामेनेई के तीन भाई और चार बहनें थीं. उनके कुछ रिश्तेदार विदेशों में रहते हैं, जिनमें से कुछ के यूरोप में बसने की खबरें हैं. हालांकि उनके अधिकांश बेटे-बेटियां ईरान में ही रहते हैं और सार्वजनिक जीवन में अपेक्षाकृत कम दिखाई देते हैं. 

इस पूरे घटनाक्रम ने ईरान की राजनीतिक स्थिति को और अधिक संवेदनशील बना दिया है, जबकि क्षेत्रीय तनाव पहले से ही चरम पर है.

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