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अयातुल्लाह अली खामेनेई : (ANI)
Iran Top 5 Missiles: ईरान में हालात बिगड़ते जा रहे हैं. सड़कों पर प्रदर्शनकारी उग्र हो चुके हैं. वे सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचा रहे हैं. इस बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई विरोध प्रदर्शन को दबाने की कोशिश में लगे हैं. उनका आरोप है ​कि इन सबके पीछे अमेरिका और इजराइल का हाथ है. अब उन्होंने दोनों देशों के खिलाफ वार फ्रंट को खोल दिया है. अंडरग्राउंड 'मिसाइल सिटी' को सक्रिय किया है. यहां पर ईरान की सबसे घातक मिसाइलें मौजूद हैं. ईरान यहीं से अपने दुश्मन देशों पर मिसाइल अटैक कर सकता है.
मारक क्षमता इजरायल और अमेरिकी ठिकानों तक
खोर्रमशहर-4, फतेह-2 और सज्जील-2 जैसी घातक मिसाइलों की मारक क्षमता इजरायल और अमेरिकी ठिकानों तक है. इन मिसाइलों को लेकर बड़ा खतरा माना जा रहा है. ये मिसाइलें न सिर्फ सैन्य ताकत, बल्कि खामेनेई की सत्ता की बड़ी पहरेदार हैं.
रहस्यमयी अंडरग्राउंड 'मिसाइल सिटी'
खामेनेई ने चौंकाने वाला कदम उठाया है. ईरान की कुख्यात IRGC को पूरी तरह से क्रैकडाउन का जिम्मा दिया गया है. इसके साथ देश की रहस्यमयी अंडरग्राउंड 'मिसाइल सिटी' को पूरी तरह सक्रिय करने का जिम्मा दिया है. इस कदम से यह साफ संकेत है कि ईरान मात्र अंदरूनी विद्रोह से ही नहीं, बल्कि बाहरी टकराव के लिए खुद को तैयार करने की कोशिश कर रहा है.
हाइपरसोनिक मिसाइलें को लॉन्च किया
'मिसाइल सिटी' को ईरान की जान माना जाता है. ये देश की बड़ी ताकत है. यह अंडरग्राउंड ठिकाने पहाड़ों के नीचे मौजूद हैं. यहां से बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलें को लॉन्च किया जा सकता है. 2026 के तनावपूर्ण हालात में शहरों का एक्टिवेशन सिर्फ एक सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि खुली चेतावनी बताई जा रही है. अमेरिका, इजरायल और मिडिल ईस्ट के दूसरे देश इसे सीधे तौर पर पॉवर शो करार दे रहे हैं. अब डर ये है कि कहीं तख्ता पलट के डर से इन मिसाइलों से ईरान दुश्मन देशों पर हमला न कर दे.
1. ईरान की खतरनाक मिसाइलों में शुमार खोर्रमशहर है. यह 2000 किलोमीटर से अधिक रेंज वाली हाइपरसोनिक मिसाइल बताई गई है. ये मैक 8 की रफ्तार से उड़ान भरती है. इसका वारहेड 1500 किलोग्राम बताया जाता है. इसका प​रीक्षण 2025 में किया गया था. सैन्य विश्लेषकों के अनुसार, इजरायल के किसी भी कोने से इससे निशाना बनाया जा सकता है. यह दुश्मन के रडार को चकमा देने में सक्षम है.
2. दूसरे स्थान पर आती है फतेह-2. ये ईरान की पहली हाइपरसोनिक मिसाइल बताई जाती है. इसकी रफ्तार मैक 15 तक बताई जाती है. ये 17,890 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से 1,400 किलोमीटर को तय कर सकती है. ये मिसाइल डिफेंस सिस्टम को रोकने में नाकाम है.
3. तीसरी सबसे घातक मिसाइलों में सज्जील-2 है. इसकी रेंज करीब 2500 किलोमीटर तक की है. इसे लॉन्च करने में 2 मिनट का वक्त लगता है. इससे दुश्मन को प्रतिक्रिया देने में वक्त नहीं लगता है.
4. शहाब-3 ईरान की सबसे पुरानी​ मिसाइल है. ईरान इसे सबसे भरोसेमंद मिसाइल मानता है. इसकी रेंज 1300 से 2000 किलोमीटर तक की है. यह न्यूक्लियर वारहेड ले जाने में भी सक्षम है.1990 के दशक में इसे पहली बार तैयार किया गया.
5. पांचवीं मिसाइल है जुल्फिकार है. यह एक शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है. इसकी रेंज 700 किलोमीटर बताई जाती है. इसकी जबरदस्त मानी जाती है. करीब 10 मीटर के अंदर मोबाइल लॉन्चर से दागी जा सकती है. इसे सऊदी अरब, यूएई और क्षेत्र में हमले के लिए बनाया गया है. वर्ष 2016 में यह मिसाइल पूरी तरह से ऑपरेशनल है.
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