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Operation Roaring Lion के तहत इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए हमलों ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों और शहरों को भारी नुकसान पहुंचाया है. सैटेलाइट तस्वीरों में तबाही के निशान साफ दिख रहे हैं, लेकिन इसी बीच तेहरान से आई एक कड़ी चेतावनी ने भू-राजनीतिक समीकरणों को और जटिल बना दिया है. यह चेतावनी ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के वरिष्ठ कमांडर इब्राहिम जब्बारी की ओर से आई है, जिन्होंने संकेत दिया है कि ईरान ने अभी अपनी असली सैन्य क्षमता का प्रदर्शन नहीं किया है.
कौन हैं इब्राहिम जब्बारी?
इब्राहिम जब्बारी, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के बेहद प्रभावशाली कमांडरों में गिने जाते हैं. यह वह सैन्य संगठन है जो सीधे ईरान के सर्वोच्च नेता को रिपोर्ट करता है और देश की रणनीतिक सुरक्षा, मिसाइल कार्यक्रम तथा विशेष अभियानों में केंद्रीय भूमिका निभाता है.
IRGC General Ebrahim Jabbari tells Trump that Iran has weapons Iran "you have never seen before" and can fight "for years"pic.twitter.com/qhhipgBrRj
— Defiant L’s (@DefiantLs) February 28, 2026
जब्बारी का नाम खास तौर पर तब सुर्खियों में आया जब वे ‘वली अम्र प्रोटेक्शन कॉर्प्स’ के प्रमुख रहे यह विशेष इकाई ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालती है. लंबे समय तक इस जिम्मेदारी को निभाने के कारण उन्हें सत्ता के सबसे अंदरूनी हलकों का जानकार माना जाता है.
‘सीक्रेट हथियार’ का इशारा
हालिया बयान में जब्बारी ने कहा कि अब तक जो मिसाइलें दागी गईं, वे ईरान के शस्त्रागार की 'पुरानी और बुनियादी' मिसाइलें थीं. उनका दावा था कि ईरान के पास ऐसे हथियार मौजूद हैं, जिन्हें अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है. विश्लेषकों का मानना है कि उनका संकेत हाइपरसोनिक या सुपरसोनिक मिसाइलों की ओर हो सकता है, जिनकी रफ्तार और दिशा बदलने की क्षमता पारंपरिक मिसाइल रक्षा प्रणालियों के लिए चुनौती बन सकती है.
हालांकि स्वतंत्र स्रोतों से इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ईरान पहले भी उन्नत मिसाइल तकनीक विकसित करने के दावे करता रहा है। ऐसे में यह बयान मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति भी हो सकता है.
रणनीतिक संदेश या वास्तविक ताकत?
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध के दौर में ऐसे बयान अक्सर रणनीतिक संदेश का हिस्सा होते हैं. इससे विरोधी पक्ष पर दबाव बनाने और घरेलू समर्थन मजबूत करने की कोशिश की जाती है. फिर भी, ईरान के मिसाइल कार्यक्रम की वास्तविक क्षमता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
मध्य पूर्व में पहले से तनावपूर्ण हालात के बीच जब्बारी की चेतावनी ने संकेत दे दिया है कि संघर्ष केवल सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बयानबाजी और मनोवैज्ञानिक युद्ध भी इसमें अहम भूमिका निभाएंगे. आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि ईरान के दावे केवल चेतावनी हैं या वास्तव में किसी बड़े सैन्य खुलासे की प्रस्तावना.
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