बुर्ज खलीफा से कुछ दूरी पर गिरा बम, दुबई पर ईरान का खतरनाक हमला

अमेरिका और इजरायल के 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों पर मिसाइलों की बारिश कर दी है. दुबई की मशहूर इमारत बुर्ज खलीफा को खाली करा लिया गया है, जबकि अबू धाबी में मिसाइल के मलबे से एक नागरिक की मौत हो गई है. रियाद और दोहा जैसे शहरों में भी धमाकों की गूंज सुनाई दी है.

अमेरिका और इजरायल के 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों पर मिसाइलों की बारिश कर दी है. दुबई की मशहूर इमारत बुर्ज खलीफा को खाली करा लिया गया है, जबकि अबू धाबी में मिसाइल के मलबे से एक नागरिक की मौत हो गई है. रियाद और दोहा जैसे शहरों में भी धमाकों की गूंज सुनाई दी है.

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Ravi Prashant
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ईरान अटैक ऑन दुबई Photograph: (X/@nucleusprime)

दुनिया की सबसे ऊंची इमारत, बुर्ज खलीफा को अचानक खाली कराना पड़ा. जैसे ही दुबई के आसमान में ईरान की मिसाइलें दिखाई दीं और धमाकों की आवाजें सुनाई देने लगीं, प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर यह बड़ा कदम उठाया. चश्मदीदों के मुताबिक, धमाके इतने तेज थे कि घरों की खिड़कियां तक हिल गईं. दुबई और अबू धाबी जैसे सुरक्षित माने जाने वाले शहरों में इस तरह के हमलों ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है.

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'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' 

जंग की शुरुआत तब हुई जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर तेहरान पर 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत हमला किया. इजरायल ने दावा किया कि इस हमले में ईरान की 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' के कमांडर मोहम्मद पाकपुर मारे गए हैं. अपने बड़े कमांडर की मौत और देश पर हुए हमले से तिलमिलाए ईरान ने चंद घंटों के भीतर ही जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी. ईरान ने एक साथ इजरायल और अमेरिका के उन ठिकानों को निशाना बनाया जो यूएई, कतर और सऊदी अरब में मौजूद हैं.

अबू धाबी में जान-माल का नुकसान

ईरान के इस मिसाइल अटैक का असर यूएई की राजधानी अबू धाबी में भी देखने को मिला. यूएई के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि मिसाइल का मलबा एक रिहायशी इलाके में गिरने से एशिया के रहने वाले एक व्यक्ति की मौत हो गई है. मंत्रालय ने इसे एक 'कायरतापूर्ण हरकत' बताया है और कहा है कि इस तरह के हमलों से मासूम नागरिकों की जान को खतरा पैदा हो गया है और इलाके की शांति पूरी तरह भंग हो गई है.

खाड़ी के कई देशों में बरसीं मिसाइलें

ईरान का गुस्सा सिर्फ दुबई या अबू धाबी तक सीमित नहीं रहा. सऊदी अरब की राजधानी रियाद और कतर की राजधानी दोहा में भी हमले की कोशिश की गई. कतर की सरकार ने बताया कि उन्होंने आने वाली मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया (इंटरसेप्ट किया), जिससे वहां जान-माल का नुकसान होने से बच गया. वहीं, बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना के 'फिफ्थ फ्लीट' के मुख्यालय पर हमले के खतरे को देखते हुए इमरजेंसी सायरन बजाए गए, जिससे पूरे देश में दहशत फैल गई.

क्या अब शुरू होगा महायुद्ध?

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने अमेरिका के सहयोगी देशों को निशाना बनाकर यह साफ कर दिया है कि वह अब पीछे हटने वाला नहीं है. अमेरिका ने जहां ईरान के मिसाइल अड्डों को खत्म करने की कसम खाई है, वहीं ईरान अब रिहायशी इलाकों और बड़े आर्थिक केंद्रों को निशाना बना रहा है. मिडिल ईस्ट में बढ़ता यह तनाव अब एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की आहट दे रहा है, जिसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर पड़ना तय है.

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