जिंदा हैं ईरान के पूर्व राष्ट्रपति, सामने आया वीडियो, अमेरिका और इजरायल के लिए कितनी चिंता

ईरान में चल रहे भीषण संघर्ष और 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के बीच एक बड़ी खबर ने खलबली मचा दी है. 4 मार्च 2026 की सबसे बड़ी खबर यही है कि अमेरिका इजरायल के हमले में ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद सुरक्षित हैं.

ईरान में चल रहे भीषण संघर्ष और 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के बीच एक बड़ी खबर ने खलबली मचा दी है. 4 मार्च 2026 की सबसे बड़ी खबर यही है कि अमेरिका इजरायल के हमले में ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद सुरक्षित हैं.

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Dheeraj Sharma
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ईरान में चल रहे भीषण संघर्ष और 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के बीच एक बड़ी खबर ने खलबली मचा दी है. 4 मार्च 2026 की सबसे बड़ी खबर यही है कि अमेरिका इजरायल के हमले में ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद सुरक्षित हैं. ईरानी मीडिाया की ओर से दावा किया जा रहा है कि पूर्व प्रेसिडेंट अभी जिंदा हैं. दरअसल उनके मारे जाने की खबरों के बीच एक वीडियो सामने आया है, जिसने पश्चिम और इजरायल के रणनीतिकारों की चिंता बढ़ा दी है. यहां जानिए अहमदीनेजाद के 'वापसी' की पूरी कहानी और इसके अमेरिका-इजरायल के लिए मायने.

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कैसे बचे अहमदीनेजाद? 

बीते शनिवार (28 फरवरी 2026) को जब इजरायली और अमेरिकी विमानों ने तेहरान में 'डिकैपिटेशन स्ट्राइक' की, तब अहमदीनेजाद के आवास के पास एक बड़ा धमाका हुआ था. 

सटीक जानकारी: उनके सलाहकार ने पुष्टि की है कि हमला उनके सुरक्षा दस्ते की इमारत पर हुआ था, जिसमें 3 IRGC बॉडीगार्ड मारे गए.

बाल-बाल बचे: अहमदीनेजाद का मुख्य आवास उस जगह से मात्र 100 मीटर दूर था, जो सुरक्षित रहा.

वीडियो का संदेश: टेलीग्राम चैनलों पर प्रसारित वीडियो में वे पूरी तरह स्वस्थ दिख रहे हैं और उन्होंने इस हमले को "ईरान की संप्रभुता पर कायराना हमला" बताया है.

अमेरिका और इजरायल के लिए यह चिंता क्यों है?

अहमदीनेजाद का जिंदा रहना इस युद्ध के परिणामों को बदल सकता है. इसके 4 मुख्य कारण हैं:

1. सर्वोच्च नेता के बाद 'पावर वैक्यूम' भरने की क्षमता

आयतुलला खामेनेई की मृत्यु के बाद ईरान में नेतृत्व का संकट खड़ा हो गया है. जहां एक तरफ मुजतबा खामेनेई और सेना के बीच खींचतान है, वहीं अहमदीनेजाद एक लोकप्रिय लोकलुभावन नेता हैं. वे कट्टरपंथियों और ग्रामीण जनता के बीच आज भी बहुत प्रभावशाली हैं. उनका जिंदा रहना मतलब सत्ता के संघर्ष में एक "तीसरे और आक्रामक ध्रुव" की मौजूदगी.

2. 'प्रतिरोध' का नया चेहरा 

अहमदीनेजाद वही नेता हैं जिन्होंने कभी "इजरायल को नक्शे से मिटाने" की बात कही थी. इजरायल के लिए उनका जीवित रहना एक बड़ा मनोवैज्ञानिक झटका है. वे अपनी "चमत्कारी उत्तरजीविता" को दैवीय शक्ति से जोड़कर ईरानी सेना और जनता का मनोबल बढ़ा सकते हैं.

3. 'शासन परिवर्तन' के प्लान में बाधा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू का लक्ष्य ईरान में एक नरमपंथी या पश्चिम-समर्थक सरकार लाना है. अहमदीनेजाद की मौजूदगी इस प्लान को फेल कर सकती है, क्योंकि वे किसी भी समझौते के सख्त खिलाफ हैं और "अंतिम सांस तक युद्ध" की वकालत करते हैं.

4. IRGC का समर्थन

खबरें हैं कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कुछ धड़े मुजतबा खामेनेई के बजाय अहमदीनेजाद को एक 'कठपुतली नेता' या रणनीतिक मोहरे के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं ताकि युद्ध को जारी रखा जा सके.

अगला कदम क्या हो सकता है?

ईरान में वर्तमान में 'गार्जियन काउंसिल' की आपातकालीन बैठकें चल रही हैं. यदि अहमदीनेजाद को किसी महत्वपूर्ण संवैधानिक पद या रक्षा परिषद में शामिल किया जाता है, तो मध्य पूर्व में तनाव और भी विनाशकारी रूप ले सकता है.

क्या बोला अमेरिका-इजरायल 

ईरान के पूर्व राष्ट्रपति के जिंदा होने की खबरों और वीडियो को लेकर अमेरिका की ओर से भी रिएक्शन सामने आया है. उन्होंने कहा है कि हम इस वीडियो की बारीकी से जांच कर रहे हैं. हमारी खुफिया एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में लगी हैं कि यह कोई 'डीपफेक' या पहले से रिकॉर्ड किया गया फुटेज तो नहीं है. 

वहीं इजरायल की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है और उनका कहना है कि किसी भी तरह के खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. जरायल अपने अस्तित्व के लिए खतरा बनने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ेगा.

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