Iran America Conflicts: अमेरिका ने अरब सागर में ईरान का ड्रोन मार गिराया, दोनों देशों के बीच बढ़ा तनाव

Iran America Conflicts: अरब सागर में बढ़ते अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने अपने विमानवाहक पोत के पास पहुंचे एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया. इस घटना ने मध्य पूर्व में सैन्य टकराव की आशंकाओं को बढ़ा दिया है.

Iran America Conflicts: अरब सागर में बढ़ते अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने अपने विमानवाहक पोत के पास पहुंचे एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया. इस घटना ने मध्य पूर्व में सैन्य टकराव की आशंकाओं को बढ़ा दिया है.

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Deepak Kumar
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Iran America Conflicts: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बढ़ते माहौल में मंगलवार (3 फरवरी) को एक नया सैन्य घटनाक्रम सामने आया है. अमेरिका की वॉरशिप USS अब्राहम लिंकन की तरफ बढ़ रहे एक ईरानी ड्रोन को अमेरिकी वायुसेना के F-35 लड़ाकू विमान ने हवा में ही मार गिराया. अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है. 

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अमेरिकी अधिकारी ने दी ये जानकारी

घटना अरब सागर में हुई, जहां USS अब्राहम लिंकन सहित कई अमेरिकी नौसेना युद्धपोत और मिसाइल डेस्टॉयर तैनात हैं. अमेरिकी अधिकारी का कहना है कि ईरान का Shahed-139 मॉडल ड्रोन विमानवाहक पोत के काफी करीब आ गया था, इसलिए उसे खतरा मानते हुए ढेर किया गया.

दोनों देशों के बीच तनाव का माहौल

यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ा हुआ है. अमेरिका ने हाल ही में मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी और ताकत बढ़ा दी है और रक्षा बलों को अलर्ट पर रखा है. USS अब्राहम लिंकन का यह क्षेत्र में तैनात होना इसी तनाव का हिस्सा है. ईरान ने भी सख्त रुख अपनाया हुआ है. उसने चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों तथा इजराइल को निशाना बना सकता है. इससे क्षेत्र में संभावित संघर्ष की आशंका बढ़ गई है.

अमेरिका ने दी थी ये चेतावनी 

इसी के पहले ईरान ने बताया था कि वह होर्मुज स्ट्रेट में नेवी अभ्यास करेगा, लेकिन इससे पहले अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान को कहा कि अभ्यास के दौरान अंतरराष्ट्रीय जहाजों और सैन्य बलों के लिए खतरा न पैदा किया जाए. होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है. CENTCOM ने यह भी कहा कि ईरान को अंतरराष्ट्रीय समुद्री और हवाई क्षेत्र में काम करने का अधिकार है, लेकिन अगर किसी ड्रोन, तेज रफ्तार नाव या हथियार के साथ खतरनाक हरकत की जाएगी तो अमेरिका इसे बर्दाश्त नहीं करेगा और अपने जहाजों, सैनिकों और विमानों की रक्षा करेगा.

इसलिए इस ड्रोन गिराए जाने की घटना को न केवल एक सैन्य कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है, बल्कि यह अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव का भी एक संकेत है. ऐसे में इस क्षेत्र की सुरक्षा और भू-राजनीतिक स्थिति पर विश्व स्तर पर नजर बनी हुई है.

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