US: बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक में शामिल हुआ भारत, गाजा के लिए 1.4 लाख करोड़ के राहत पैकेज का ऐलान

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक हुई, जिसमें गाजा के लिए 1.4 लाख करोड़ के राहत पैकेज का ऐलान किया गया. पढ़ें पूरी खबर...

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक हुई, जिसमें गाजा के लिए 1.4 लाख करोड़ के राहत पैकेज का ऐलान किया गया. पढ़ें पूरी खबर...

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Jalaj Kumar Mishra
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India joins Board of peace First meeting

Board of peace First meeting

अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक हुई, जिसमें भारत ने भी शिरकत की. बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व भारतीय दूतावास में तैनात चार्ज द’अफेयर्स (सीनियर अधिकारी) नमग्या सी खम्पा ने किया. हालांकि, भारत की ओर से अब तक साफ नहीं हुआ है कि वह इस बोर्ड का पूर्णकालिक सदस्य बनेगा या फिर नहीं. पिछले महीने दावोस में हुई बोर्ड ऑफ पीस के लॉन्च कार्यक्रम में भारत शामिल नहीं हुआ था. 

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गाजा के पुननिर्माण के लिए बोर्ड ऑफ पीस की बैठक में 1.4 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया गया है. ट्रंप ने बताया कि नौ सदस्य देशों ने गाजा के लिए 63 हजार करोड़ रुपये दिए है. वहीं अकेला अमेरिका इसके लिए 90 हजार करोड़ दे रहा है. वहीं, पांच देशों ने फलस्तीनी इलाके में सैनिक तैनात करने के लिए सहमति जताई है. पहली मीटिंग में 50 देशों के अधिकारी शामिल हुए. 

बोर्ड में ये सदस्य देश शामिल

27 देश इस बोर्ड के सदस्य है, जिसमें इजराइल, हंगरी, बेलारूस, अजरबैजान, मिस्र, इंडोनेशिया, जॉर्डन, कतर, वियतनाम, अजरबैजान, मोरक्को, सऊदी अरब, UAE, उज्बेकिस्तान, तुर्की और पाकिस्तान शामिल है. वहीं, भारत और यूरोपीय संघ सहित अन्य देश ऑब्जर्वर के रूप में शामिल हुए हैं.  

ट्रम्प बोले- ये रकम युद्ध पर खर्च के मुकाबले बहुत छोटी

ट्रंप ने मीटिंग में कहा कि युद्ध पर खर्च हुए रकम से ये रकम बहुत कम है. सदस्य देशों से ट्रंप ने कहा है कि अगर सभी देश साथ आएं तो गाजा में स्थाई रूप से शांति लाई जा सकती है. गाजा में लंबे वक्त से हिंसा हो रही है. 

यूएन की निगरानी करेगा ट्रंप का बोर्ड ऑफ पीस 

टंप ने कहा कि गाजा पर खर्च किया गया हर एक डॉलर गाजा में शांति और स्थिरता लाने और फलस्तीनियों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए है. मीटिंग में साफ नहीं हो पाया कि कितने सैनिक भेजे जाएंगे. कब उनकी तैनाती होगी और रकम का इस्तेमाल कैसे होगा. ट्रंप ने बताया कि बोर्ड ऑफ पीस संयुक्त राष्ट्र की निगरानी करेगा. बोर्ड सुनिश्चित करेगा कि यूएन ढंग से काम कर रहा है या फिर नहीं. 

Board of Peace
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