अमेरिका-इजराइल का वो 'डेलाइट' गेम प्लान, एक ही झटके में कैसे ढेर हुए ईरान के सुप्रीम लीडर और उनके बड़े जनरल?

तेहरान में हुए भीषण धमाकों को 24 घंटे बीत चुके हैं. इजरायल और अमेरिका के साझा हमले में सुप्रीम लीडर खामेनेई समेत ईरान के आधे दर्जन बड़े जनरलों की मौत ने पूरी दुनिया को हिला दिया है.

तेहरान में हुए भीषण धमाकों को 24 घंटे बीत चुके हैं. इजरायल और अमेरिका के साझा हमले में सुप्रीम लीडर खामेनेई समेत ईरान के आधे दर्जन बड़े जनरलों की मौत ने पूरी दुनिया को हिला दिया है.

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Ravi Prashant
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Ali Khamenei

खामेनेई Photograph: (NN)

बीते 24 घंटों से पूरी दुनिया की नजरें सिर्फ ईरान पर टिकी हैं. शनिवार को हुए उस भयानक हमले के बाद, जिसमें इजरायल और अमेरिका ने मिलकर 30 बम बरसाए थे, अब धीरे-धीरे तबाही की पूरी तस्वीर साफ होने लगी है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट ने जो दावा किया था, उसकी पुष्टि अब मलबे के ढेर और ईरान के खाली पड़े पावर सेंटर्स से हो रही है. यह महज एक हमला नहीं था, बल्कि ईरान की पूरी सल्तनत को एक ही झटके में खत्म कर देने वाला एक सोझा-समझा ऑपरेशन था. अब जब धूल थोड़ी जमी है, तो समझ आ रहा है कि ईरान ने क्या खोया है?

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मलबे में तब्दील हुआ सत्ता का केंद्र

इस हमले की सबसे चौंकाने वाली बात इसकी टाइमिंग और खुफिया जानकारी की सटीकता थी. इजरायली और अमेरिकी खुफिया एजेंसियां सालों से उस एक पल की ताक में थीं, जब ईरान के सभी बड़े खिलाड़ी एक ही छत के नीचे मौजूद हों. शनिवार को जैसे ही पक्का हुआ कि खामेनेई एक बेहद जरूरी मीटिंग ले रहे हैं, वैसे ही बिना वक्त गंवाए हमला बोल दिया गया. हैरानी की बात यह है कि हमला रात के सन्नाटे में नहीं, बल्कि दिन के उजाले में किया गया, जिससे ईरान की सुरक्षा एजेंसियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला.

दिन के उजाले में मौत का तांडव

इजरायली लड़ाकू विमानों ने खामेनेई के ठिकाने को अपना निशाना बनाया और एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 30 बम गिराए. हमले के 12 घंटे बीत जाने के बाद भी उस इलाके में आग और धुएं का गुबार साफ देखा जा सकता है. इजरायल ने अब पूरी तरह साफ कर दिया है कि इस धमाके में सिर्फ खामेनेई ही नहीं मरे, बल्कि उनके साथ मौजूद पूरी 'ए-टीम' खत्म हो गई है. पूरा कंपाउंड अब खंडहर बन चुका है और वहां से लगातार लाशें निकालने का काम चल रहा है, जिससे इलाके में चीख-पुकार मची है.

ईरान की पूरी 'फौज' एक साथ ढेर

अब उन नामों की लिस्ट भी बाहर आने लगी है जो इस हमले में मारे गए हैं. खामेनेई के सबसे भरोसेमंद सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी, रिवोल्यूशनरी गार्ड के मुखिया मोहम्मद पाकपुर और रक्षा मंत्री अमीर नासिरजादेह की मौत की खबरों ने ईरान की सेना की कमर तोड़ दी है. यह ऐसा नुकसान है जिसकी भरपाई ईरान आने वाले कई सालों तक नहीं कर पाएगा. महज आधे दिन के भीतर ही ईरान की टॉप लीडरशिप का नामोनिशान मिट चुका है, जिससे देश में नेतृत्व का बड़ा संकट खड़ा हो गया है.

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