AI Summit 2026: सोशल मीडिया पर जमकर भड़के फ्रांसीसी राष्ट्रपति, कहा- ये फ्री स्पीच के लिए खतरनाक है

AI Summit 2026: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि ये प्लेटफॉर्म्स फ्री स्पीच के लिए खतरनाक हैं.

AI Summit 2026: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि ये प्लेटफॉर्म्स फ्री स्पीच के लिए खतरनाक हैं.

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Jalaj Kumar Mishra
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france Macron On US President

Emmanuel Macron (File Photo)

AI Summit 2026: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत के दौरे पर हैं. इस दौरान, उन्होंने एआई, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और उनके प्रमुखों के खिलाफ जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अगर लोगों को ये पता नहीं है कि उन्हें किस प्रकार का कंटेट दिखाया जा रहा है तो फिर फ्री स्पीच बकवास है.  

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कंपनियों की भी आलोचना की

मैक्रों ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी असल समस्या नहीं है. असल समस्या वह एल्गोरिदम्स हैं, जो तय करते हैं कि यूजर क्या देखेगा और किस दिशा में जाएगा. मैक्रों ने दुनिया की कुछ कंपनियां खुद को फ्री स्पीच का समर्थक कहती हैं लेकिन एल्गोरिदम्स को अपने कब्जे में रखती हैं. 

क्या होते हैं सोशल मीडिया के एल्गोरिदम्स

बता दें, सोशल मीडिया के एल्गोरिदम्स नियमों और निर्देशों का एक ग्रुप है, जो प्लेटफॉर्म्स पर कंटेट छांटते हैं और व्यवस्थित ढंग से प्राथमिकता से आपकी फीड तक पहुंचाते हैं. ये एल्गोरिदम यूजर्स के पिछले सर्च, लाइक्स-डिस्लाइक्स के हिसाब से तय होते हैं और उसी लाइक्स-डिस्लाइक्स और सर्चेस से जुड़ा कंटेंट आपकी फीड तक पहुंचाता है. 

कैसी व्यवस्था चाहते हैं मैक्रों

मैक्रों ने कहा कि अगर लोगों कोे ये पता नहीं है कि एल्गोरिदम कैसे टेस्ट किए जाते हैं, कैसे बनाए जाते हैं, कैसे उनको ट्रेन किया जाता है तो वह यूजर्स को किस ओर लेकर जा रहे हैं. लोकतांत्रिक परिणाम इसके बहुत गंभीर हो सकते हैं. मैक्रों ने कहा कि वे एक ऐसी ट्रांसपेरेंट व्यवस्था चाह रहे हैं, जिससे अलग-अलग विचारों के बीच जाने का रास्ता साफ हो. उन्होंने नस्लवादी और नफरती कंटेट पर रोक लगाने के लिए सुरक्षा उपायों की मांग की. 

India AI Summit 2026
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