क्या है ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी', ट्रंप ने ईरान के हमले को क्यों दिया ये नाम?

पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव उस वक्त और बढ़ गया जब अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर एक सैन्य स्ट्राइक को अंजाम दिया. पेंटागन ने इस कार्रवाई को “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” नाम दिया है.

पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव उस वक्त और बढ़ गया जब अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर एक सैन्य स्ट्राइक को अंजाम दिया. पेंटागन ने इस कार्रवाई को “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” नाम दिया है.

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Dheeraj Sharma
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US Israel Attack on Iran

What is Operation 'Epic Fury': जिस जंग को लेकर कई दिनों से अटकलें लग रही थी आखिरकार वह शुरू हो चुकी है. अमेरिका ने इजरायल की मदद से ईरान पर हमला किया. जवाब कार्रवाई में ईरान ने भी ताबड़तोड़ सात देशों पर पलटवार किया है. 

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पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव उस वक्त और बढ़ गया जब अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर एक सैन्य स्ट्राइक को अंजाम दिया. पेंटागन ने इस कार्रवाई को “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” नाम दिया है. बताया जा रहा है कि यह हमला तेहरान में ईरान के सर्वोच्च नेता के कार्यालय के नजदीक हुआ. 

इस घटनाक्रम ने पहले से ही तनावपूर्ण अमेरिका-ईरान संबंधों को और जटिल बना दिया है. खासतौर पर तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से जारी खींचतान के बीच यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है.

ट्रंप की रणनीति और परमाणु विवाद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त रुख अपनाते रहे हैं. वॉशिंगटन चाहता है कि तेहरान यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) गतिविधियों को सीमित करे और एक नई परमाणु डील पर सहमत हो.

हालांकि ईरान का कहना है कि उसे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम संवर्धन का अधिकार है. साथ ही तेहरान अपने लंबी दूरी की मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय सहयोगियों जैसे हमास और हिजबुल्लाह को समर्थन जैसे मुद्दों को वार्ता के दायरे से बाहर रखना चाहता है.

विश्लेषकों का मानना है कि ईरान के भीतर जारी विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक अस्थिरता को देखते हुए वॉशिंगटन को दबाव बनाने का अवसर दिखा.

इजरायल का रुख: ‘खतरों को दूर करना’

इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्स ने इस हमले को 'आसन्न खतरों को दूर करने' की कार्रवाई बताया. हालांकि उन्होंने ऑपरेशन के विवरण साझा नहीं किए.


इजरायल ने एहतियातन अपना एयरस्पेस बंद कर दिया और देशभर में सायरन बजाए गए. इजरायली सेना ने संभावित मिसाइल हमले की आशंका के मद्देनजर नागरिकों को अलर्ट किया. कई अस्पतालों ने इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू करते हुए मरीजों को भूमिगत सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित किया.

तेहरान में हलचल और सख्त कदम

ईरान की राजधानी तेहरान में चश्मदीदों ने सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के कार्यालय के पास धमाके की आवाज सुनने का दावा किया। ईरानी सरकारी टीवी ने विस्फोट की पुष्टि की, लेकिन विस्तृत जानकारी नहीं दी.

इसके बाद ईरान ने तत्काल अपना एयरस्पेस बंद कर दिया और मोबाइल संचार सेवाएं सीमित कर दीं. पायलटों को चेतावनी जारी की गई और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर चली गईं.

क्षेत्रीय असर और वैश्विक चिंता

इस संयुक्त स्ट्राइक ने पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता की आशंका बढ़ा दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति और बिगड़ती है तो यह व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकती है. फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय संयम की अपील कर रहा है. संयुक्त राष्ट्र और कई यूरोपीय देशों ने कूटनीतिक समाधान की जरूरत पर जोर दिया है. आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि यह कार्रवाई सीमित सैन्य संदेश थी या किसी बड़े टकराव की शुरुआत.

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