Dipu Das Murder: बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास का हत्यारा हुआ गिरफ्तार, जानें क्या बोली पुलिस

Dipu Das Murder: बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले में ईशनिंदा के आरोप में हिंदू अल्पसंख्यक युवक दीपू चंद्र दास की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है.

Dipu Das Murder: बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले में ईशनिंदा के आरोप में हिंदू अल्पसंख्यक युवक दीपू चंद्र दास की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है.

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Dheeraj Sharma
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Bangladesh dipu das killer arrest

Dipu Das Murder: बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले में ईशनिंदा के आरोप में हिंदू अल्पसंख्यक युवक दीपू चंद्र दास की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. इस जघन्य अपराध के पीछे भीड़ को उकसाने और साजिश रचने वाले मुख्य आरोपी यासीन अराफत को गिरफ्तार कर लिया गया है. अधिकारियों के अनुसार, पूर्व शिक्षक यासीन अराफत ने इस हिंसक हमले की योजना बनाने से लेकर उसे अंजाम तक पहुंचाने में केंद्रीय भूमिका निभाई थी.

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18 दिसंबर को हुई थी दिल दहला देने वाली घटना

यह घटना 18 दिसंबर 2025 की है, जब मैमनसिंह जिले में एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करने वाले 27 वर्षीय दीपू चंद्र दास को कथित तौर पर ईशनिंदा के आरोप में निशाना बनाया गया. आरोप है कि फैक्ट्री के सुपरवाइजर ने दीपू को जबरन नौकरी से निकाल दिया और उसे कट्टरपंथी भीड़ के हवाले कर दिया. इसके बाद उग्र भीड़ ने दीपू के साथ बेरहमी से मारपीट की और उसकी हत्या कर दी.

हत्या के बाद शव को जलाने का आरोप

पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हत्या के बाद भीड़ ने दीपू के शव को एक पेड़ से लटका दिया और फिर आग के हवाले कर दिया. यह बर्बरता यहीं नहीं रुकी बताया गया है कि इस हिंसा में दीपू का एक सहकर्मी भी शामिल था, जिसने भीड़ का साथ दिया. इस घटना ने न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए.

फरारी के बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा यासीन अराफत

दीपू चंद्र दास की हत्या के बाद मुख्य आरोपी यासीन अराफत इलाके से फरार हो गया था. बांग्लादेशी पुलिस ने गुरुवार, 8 जनवरी 2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का कहना है कि अराफत अपने स्थानीय प्रभाव और समुदाय में पकड़ के चलते बड़ी संख्या में लोगों को जल्द ही इकट्ठा करने में सफल हो गया था, जिससे स्थिति हिंसक रूप ले गई.

खुद दीपू को घसीटकर ले गया था आरोपी

पुलिस ने खुलासा किया है कि यासीन अराफत ने न केवल भीड़ को उकसाया, बल्कि वह खुद दीपू चंद्र दास को घसीटते हुए एक चौराहे तक लेकर गया था. वहीं उसे पेड़ से बांधा गया और बाद में आग लगा दी गई. पुलिस के अनुसार, यह एक सुनियोजित और क्रूर हमला था, जिसमें धार्मिक नफरत को हथियार बनाया गया.

बढ़ती आलोचना और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सवाल

इस गिरफ्तारी के बावजूद बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय आलोचना लगातार बढ़ रही है. मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि ऐसे मामलों में त्वरित न्याय और कठोर सजा ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोक सकती है.

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