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डोनाल्ड ट्रंप Photograph: (SM)
बांग्लादेश में आगामी संसदीय चुनावों से पहले सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ती नजर आ रही है. अमेरिका ने शुक्रवार को बांग्लादेश में रह रहे अपने नागरिकों के लिए 'सुरक्षा अलर्ट' जारी किया है. इसमें अमेरिकी नागरिकों को सतर्क रहने, भीड़-भाड़ से दूर रहने और सार्वजनिक आयोजनों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
चुनावी माहौल में हिंसा की आशंका
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, चुनावी अवधि के दौरान राजनीतिक हिंसा या उग्रवादी हमलों का खतरा बना हुआ है. चेतावनी में कहा गया है कि रैलियों, मतदान केंद्रों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा सकता है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण दिखने वाले प्रदर्शन भी अचानक हिंसक रूप ले सकते हैं, इसलिए नागरिकों को ऐसे आयोजनों से दूरी बनाए रखनी चाहिए.
अमेरिकी दूतावास की एडवाइजरी
ढाका स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर विस्तृत सुरक्षा सलाह जारी की है. इसमें कहा गया है कि बांग्लादेश में 12 फरवरी को संसदीय चुनाव और राष्ट्रीय जनमत संग्रह एक साथ कराए जाएंगे. दूतावास ने अमेरिकी नागरिकों से कहा है कि वे प्रदर्शनों से दूर रहें, यात्रा की वैकल्पिक योजनाएं बनाएं और कम प्रोफाइल में रहें. साथ ही, 11 और 12 फरवरी को दूतावास सीमित ऑन-साइट सेवाएं ही प्रदान करेगा.
परिवहन पर सख्ती, सरकार ने लगाए प्रतिबंध
चुनाव को देखते हुए बांग्लादेश सरकार ने भी कड़े कदम उठाए हैं. 10 फरवरी से मोटरसाइकिलों के आवागमन पर रोक लगाई गई है, जबकि 11 और 12 फरवरी को सभी प्रकार के परिवहन पर प्रतिबंध रहेगा. इन फैसलों का उद्देश्य चुनाव के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था या हिंसा को रोकना बताया गया है.
राजनीतिक संवाद और अंतरराष्ट्रीय नजर
इसी बीच अमेरिकी राजदूत ब्रेंट टी. क्रिस्टेंसन ने जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख शफीकुर रहमान से मुलाकात की. इस बैठक में आगामी चुनावों और राजनीतिक स्थिति पर चर्चा हुई. राजदूत ने कहा कि अमेरिका बांग्लादेश के सभी राजनीतिक दलों के साथ मिलकर शांति और स्थिरता को बढ़ावा देना चाहता है.
300 सीटों के लिए कड़ा मुकाबला
बांग्लादेश संवाद सांगठा के अनुसार, इस चुनाव में 300 संसदीय सीटों के लिए 50 से अधिक राजनीतिक दलों और स्वतंत्र उम्मीदवारों समेत करीब 2,000 प्रत्याशी मैदान में हैं. औपचारिक चुनाव प्रचार शुरू होने के बाद अब तक हिंसा की घटनाओं में चार लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, 16 देशों ने चुनाव पर्यवेक्षक भेजने की पुष्टि की है.
बदले राजनीतिक समीकरण
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग के भंग होने के बाद बदले राजनीतिक परिदृश्य में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) मजबूत स्थिति में नजर आ रही है. ऐसे में चुनाव न सिर्फ देश, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए भी बेहद अहम माने जा रहे हैं.
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