अमेरिका को ईरान के साथ संबंधों में बरतनी चाहिए सावधानी- वांग यी

China: म्यूनिख सम्मेलन में चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान, यूक्रेन, गाजा और जापान पर सख्त रुख अपनाया. शांति और संवाद पर दिया जोर. आइए जानते हैं पूरा मामला

China: म्यूनिख सम्मेलन में चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान, यूक्रेन, गाजा और जापान पर सख्त रुख अपनाया. शांति और संवाद पर दिया जोर. आइए जानते हैं पूरा मामला

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Yashodhan Sharma
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Wang Yi

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चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में ईरान, यूक्रेन, गाजा और एशिया-प्रशांत क्षेत्र की स्थिति पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि ईरान से जुड़ी मौजूदा स्थिति पूरे मध्य पूर्व की शांति को प्रभावित कर रही है. अमेरिका को ईरान के साथ अपने संबंधों में सावधानी बरतनी चाहिए और किसी नए टकराव से बचना चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि विवादों का समाधान बातचीत और मध्यस्थता से होना चाहिए.

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यूक्रेन संकट पर क्या बोले वांग यी

यूक्रेन संकट पर वांग यी ने कहा कि इस समस्या की जड़ तक पहुंचना जरूरी है. उनका मानना है कि यूरोप को सिर्फ बाहर से देखने के बजाय बातचीत की मेज पर मौजूद रहना चाहिए. चीन यूरोप और रूस के बीच संवाद की शुरुआत का समर्थन करता है, लेकिन यूरोपीय संघ को भी अपना ठोस प्रस्ताव देना चाहिए. उन्होंने साफ किया कि चीन इस संघर्ष का पक्षकार नहीं है और उसका मकसद केवल शांति को बढ़ावा देना है.

फिलिस्तीनियों को मिलना चाहिए स्वतंत्र देश- वांग यी

गाजा की स्थिति पर विदेश मंत्री ने कहा कि युद्ध खत्म होना चाहिए और फिलिस्तीनियों को अपना स्वतंत्र राज्य मिलना चाहिए. उन्होंने दो-राष्ट्र समाधान को ही स्थायी शांति का रास्ता बताया.

चीन और यूरोपीय संघ प्रतिद्वंदी नहीं

वैश्विक व्यवस्था पर बोलते हुए वांग यी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के बिना दुनिया 'जंगल के कानून' में बदल सकती है, जहां ताकतवर कमजोर पर हावी होगा. उन्होंने United Nations प्रणाली को मजबूत करने की जरूरत बताई और कहा कि चीन और यूरोपीय संघ को प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार के रूप में देखना चाहिए.

सभी से की संयम बरतने की अपील

एशिया-प्रशांत क्षेत्र पर विदेश मंत्री ने कहा कि यहां सामान्य शांति बनी हुई है. हालांकि उन्होंने जापान के प्रधानमंत्री के ताइवान संबंधी बयान की आलोचना की. उनका कहना था कि ताइवान चीन का हिस्सा है और इस तरह के बयान चीन की संप्रभुता का उल्लंघन करते हैं. कुल मिलाकर, चीन ने अपने भाषण में संवाद, शांति और संतुलित कूटनीति पर जोर दिया और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की.

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