कनाडा में बढ़ सकती है 10 लाख भारतीयों की मुश्किल, अवैध अप्रवासी बनने का मंडरा रहा खतरा, जानें क्या है वजह

कनाडा में रह रहे लाखों भारतीयों पर अवैध अप्रवासी बनने का खतरा मंडर रहा है. क्योंकि इस साल (2026) में कनाडा में करीब 20 लाख लोगों के परमिट खत्म होने वाले हैं. इनमें से सबसे ज्यादा संख्या भारतीयों की है.

कनाडा में रह रहे लाखों भारतीयों पर अवैध अप्रवासी बनने का खतरा मंडर रहा है. क्योंकि इस साल (2026) में कनाडा में करीब 20 लाख लोगों के परमिट खत्म होने वाले हैं. इनमें से सबसे ज्यादा संख्या भारतीयों की है.

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Suhel Khan
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कनाडा में रह रहे लाखों भारतीयों पर मंडरा रहा अप्रवासी होने का खतरा Photograph: (X@MarkJCarney/Social Media)

कनाडा में नौकरी करना ज्यादातर भारतीयों को सपना रहा है, लेकिन पिछले कुछ समय से कनाडा में भारतीय या अन्य देशों के नागरिकों को नौकरी मिलना बहुत मुश्किल हो गया है. जिसके चलते तमाम भारतीय अब कनाडा छोड़कर अपने देश लौट रहे हैं. कनाडा में योग्यता के हिसाब से नौकरी ना मिलने की वजह से भारतीयों का मोह भंग हो रहा है. इस बीच खबर आई है कि कनाडा में रह रहे 10 लाख भारतीयों की मुश्किल बढ़ने वाली है.

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जानें कनाडा में क्यों बढ़ सकती है भारतीयों की मुश्किल?

दरअसल, कनाडा में रह रहे लाखों भारतीयों के नए साल में मुश्किल बढ़ सकती है. क्योंकि देश में 2025 में बड़ी संखअया में परमिट खत्म हो गए हैं. इस साल भी कनाडा में परमिट खत्म होने का सिलसिला जारी रहेगा. ऐसे में कनाडा में बिना दस्तावेज वाले आप्रवासियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी होने वाली है. इनमें से आधी संख्या भारतीयों की होगी. जिनकी संख्या करीब 10 लाख हो सकती है. इमिग्रेशन, रिफ्यूजी और सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) के डेटा से पता चलता है कि साल 2025 के आखिर तक करीब 10 लाख 53 हजार वर्क परमिट खत्म हो गए. जबकि इस साल यानी 2026 में नौ लाख 27 हजार परमिट और खत्म होने वाले हैं.

वर्क परमिट खत्म होते ही माने जाते हैं गैर-कानूनी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कनाडा में वर्क परमिट खत्म होते ही इनके धारक देश में अवैध हो जाते हैं और उन्हें गैर-कानूनी माना जाता है. जब तक कि वे कनाडा में रुकने के लिए दूसरा वीजा या परमानेंट रेजिडेंसी (PR) हासिल ना कर लें. हालांकि, कनाडा सरकार इमिग्रेशन को कम करने के लिए नीतियां बना रही है. जिससे कोई भी रास्ता मुश्किल हो गया है. गैर-स्थायी श्रेणी के लोगों के लिए ये और मुश्किल हो गया है. जिसमें अधिकांश अंतरराष्ट्रीय छात्र और अस्थायी कामगार शामिल हैं.

लाखों लोगों पर मंडरा रहा कानूनी दर्जा खत्म होने का खतरा

यही वजह है कि इस साल कनाडा में लाखों लोगों पर कानूनी दर्जा खोने का खतरा मंडरा रहा है. इसे लेकर एक्सपर्ट का कहना है कि हालात बहुत अराजक होने वाले हैं. इमिग्रेशन सलाहकार कंवर सेरा का कहना है कि देश में पहले कभी एक साथ इतने ज्यादा लोगों के स्टेटस खत्म होने की समस्या नहीं हुई. उनका कहना है कि अकेले 2026 की पहली तिमाही में रेकॉर्ड 3.15 लाख लोगों के वीजा खत्म हो जाएंगे. वहीं 2025 की आखिरी तिमाही में यह संख्या 2.91 लाख थी.

20 लाख अप्रवासियों के खोएंगे दस्तावेज

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस वर्ष मध्य तक कनाडा में कम से कम 20 लाख आप्रवासियों के पास दस्तावेज नहीं होंगे. उनमें कम से कम आधे भारतीय शामिल होंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीयों का ये आंकड़ा बहुत कम अनुमानित किया गया है. जबकि वास्तव में इनकी संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है. उनका कहना है कि इस साल हजारों स्टडी परमिट भी खत्म होने वाले हैं.

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