'मुझे जानबूझकर संवैधानिक प्रक्रियाओं से दूर रखा गया', बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने यूनुस पर लगाए गंभीर आरोप

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अंतरिम सरकार के पूर्व मुख्य सलाहकार डॉ.मोहम्मद यूनुस पर संवैधानिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन करने के आरोप लगाए हैं.

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अंतरिम सरकार के पूर्व मुख्य सलाहकार डॉ.मोहम्मद यूनुस पर संवैधानिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन करने के आरोप लगाए हैं.

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Mohit Saxena
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बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन (ANI)

बांग्लादेश में सियासी बखेड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा है. आम चुनाव के बाद BNP चीफ तारिक रहमान की अगुवाई में नई सरकार के गठन के बीच राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अंतरिम सरकार के पूर्व मुख्य सलाहकार डॉ. मोहम्मद यूनुस पर गंभीर आरोप लगाए. मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में राष्ट्रपति का दावा है कि बीते डेढ़ वर्ष तक उन्हें जानबूझकर संवैधानिक प्रक्रियाओं से दूर रखा गया. 

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गैरजरूरी अध्यादेश जारी करने का आरोप 

राष्ट्रपति शहाबुद्दीन के अनुसार, अं​तरिम सरकार के वक्त कई ऐसे अध्यादेश जारी हुए, जिनकी आवश्यकता नहीं थी. इन पर किसी तरह की कोई औपचारिक चर्चा नहीं की. उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. यूनुस ने संवैधानिक परंपराओं का पालन नहीं किया. इसके साथ राष्ट्रपति पद की गरिमा को ठेस पहुंचया है. 

राष्ट्रपति ने कहा कि संवैधानिक नियमों का हवाल दिया. उन्होंने कहा कि किसी भी विदेश यात्रा के बाद मुख्य सलाहकार को राष्ट्रपति को इस बात की सूचना देनी होती है. मगर डॉ. यूनुस ने कम से कम 15 विदेश यात्राओं के बाद भी उन्हें अवगत नहीं कराया. 

शिखर सम्मेलन पर रोक लगाई

उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले बांग्लादेश और अमेरिका के बीच एक व्यापार समझौते की जानकारी भी उन्हें नहीं मिली थी. राष्ट्रपति का दावा है कि यह संवैधानिक दायित्व था. इसे नजरअंदाज किया गया. इसके साथ उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ.यूनुस ने राष्ट्रपति की दो प्रस्तावित विदेश यात्राओं को दिसंबर 2025 में कोसोवो और एक अन्य अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन पर रोक लगाई. 

दूतावासों से राष्ट्रपति की तस्वीरों हटाने का आरोप

राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अंतरिम सरकार उन्हें पब्लिक प्रोग्राम्स से दूर रखना चाहती थी. विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों और अन्य पारंपरिक आयोजनों में शामिल होने की इजाजत नहीं दी जाती थी. यहां तक कि विदेशों में मौजूद बांग्लादेशी दूतावासों से राष्ट्रपति की तस्वीरों हटाने का आरोप लगाया गया है. शहाबुद्दीन का दावा है कि प्रेस विभाग और फोटोग्राफर तक हटाए गए. इस कारण वे स्वतंत्र रूप से प्रेस रिलीज जारी नहीं कर पाए. उन्होंने कहा कि यहां तक कि क्रिकेट टीम की जीत पर बधाई संदेश जारी करने की इजाजत नहीं थी. 

शहाबुद्दीन ने एक इंटरव्यू में यहां तक कहा कि 'मैं राष्ट्रपति भवन में सीमित हो रह गया था.' राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि उन्हें पद से हटाने का भी प्रयास किया गया. अभी तक इन आरोपों पर डॉ. यूनुस या अंतरिम सरकार की ओर किसी तरह की अधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. 

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