Bangladesh Elections 2026: BNP या जमात, किसका पलड़ा भारी? कल मतदान के बाद तय होगी उम्मीदवारों की किस्मत

Bangladesh Elections 2026: बांग्लादेश में चुनाव में मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी की अगुवाई वाले गठबंधनों के बीच होना है.

Bangladesh Elections 2026: बांग्लादेश में चुनाव में मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी की अगुवाई वाले गठबंधनों के बीच होना है.

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Mohit Saxena
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Bangladesh Elections 2026: बांग्लादेश में गुरुवार यानि 12 फरवरी 2026 को आम चुनाव होने जा रहे हैं. इस चुनाव में मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधनों के बीच होना है. बीएनपी के नेता तारिक रहमान हैं. वहीं जमात-ए-इस्लामी के नेता शफीकुर रहमान हैं. शेख हसीना की अवामी लीग को इस बार चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं मिली है. ऐसे में मुख्य मुकाबला BNP और जमात-ए-इस्लामी पार्टी के बीच माना जा रहा है. जमात ने छात्र नेताओं के साथ गठबंधन किया है. एक रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में शेख हसीना की सरकार के खिलाफ आंदोलन करने वाले छात्रों की "NCP" (नेशनल सिटीजन पार्टी) पार्टी इस समय कमजोर स्थिति में हैं. पार्टी में अंदरूनी कलह इसकी वजह बताई जा रही है. 

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चुनाव में कुल 12.77 करोड़ मतदाता

इस चुनाव में कुल 12.77 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने वाले हैं. इसमें  से 3.5% से अधिक युवा पहली बार मतदान करने वाले हैं. चुनावी मैदान में कुल 2034 उम्मीदवार मैदान में हैं. इसमें 275 निर्दलीय हैं. वहीं सबसे अधिक 291 उम्मीदवार बीएनपी से खड़े हुए हैं. वहीं जमात-ए-इस्लामी ने 229 और जातीय पार्टी ने 198 उम्मीदवारों खड़ा किया है. 

बीएनपी की अगुवाई वाला गठबंधन सबसे आगे 

चुनाव के परिणामों पर पूरे दक्षिण एशिया की नजर है. खासकर भारत की, क्योंकि यह शेख हसीना की गैरमौजूदगी में होने वाला चुनाव है. सर्वेक्षणों के अनुसार, बीएनपी की अगुवाई वाला गठबंधन 44.1% वोटों के साथ सबसे आगे है. वहीं जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाला गठबंधन 43.9% वोटों के साथ है.

बांग्लादेश में चुनाव में क्या हैं मुद्दे?

सबसे पहला संवैधानिक सुधार हैं. इसमें पीएम के कार्यकाल को अधिकतम दो बार तक सीमित करने और एक स्थायी न्यायिक नियुक्ति आयोग बनाने का प्रस्ताव हैं. दूसरा बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाने के साथ शिक्षित युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर बांग्लादेशी नागरिकों ने चिंता जताई है. शासन में पारदर्शिता-जवाबदेही तीसरा सबसे बड़ा मुद्दा है. मोहम्मद यूनुस के वादों के बाद भी बांग्लादेश 2025 के भ्रष्टाचार इंडेक्स में 13वां सबसे भ्रष्ट देश है. इस बाद चौथा सबसे अहम भारत से रिश्ते हैं. 

राजनीतिक दलों के अलग-अलग रुख हैं

सीमा पर होने वाली हत्याएं और तीस्ता जल बंटवारा विवाद जैसे विषयों पर राजनीतिक दलों के अलग-अलग रुख हैं. यहां बीएनपी ने भारत के संग संबंधों को बेहतर करने पर जोर दिया है. वहीं जमात-ए-इस्लामी ने भी भारत के साथ बराबरी के संबंधो की बात करता है. बांग्लादेश में सिर्फ छात्रों की बनाई  पार्टी-नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) ने भारत के खिलाफ खुलकर बातें कही हैं. यह पार्टी 2024 की जुलाई में अतित्व में आई. शेख हसीना के खिलाफ प्रदर्शन करने छात्रों की बनाई यह पार्टी है.

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