Bangladesh Elections 2026: बीएनपी की ऐतिहासिक जीत के बाद भारत को लेकर आया पहला रिएक्शन, जानें क्या कहा?

Bangladesh Elections 2026: बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने 213 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है. हालांकि बहुमत के लिए पार्टी को 150 मत  ही चाहिए थे.

Bangladesh Elections 2026: बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने 213 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है. हालांकि बहुमत के लिए पार्टी को 150 मत  ही चाहिए थे.

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Dheeraj Sharma
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BNP first Reaction

Bangladesh Elections 2026: बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने 213 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है. हालांकि बहुमत के लिए पार्टी को 150 मत  ही चाहिए थे. ऐसे में बीएनपी की जीत को ऐतिहासिक बताया जा रहा है.  पार्टी के शीर्ष नेता तारिक रहमान की अगुवाई में मिली इस जीत को राजनीतिक बदलाव के बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है. चुनाव नतीजों के तुरंत बाद BNP की ओर से भारत के साथ संबंधों को लेकर सकारात्मक बयान सामने आया है, जिसने क्षेत्रीय कूटनीति में नई हलचल पैदा कर दी है.

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भारत के साथ रिश्तों पर नरम रुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से तारिक रहमान को बधाई संदेश भेजे जाने के बाद BNP नेताओं ने सार्वजनिक रूप से आभार जताया. पार्टी के मीडिया सेल से जुड़े सयरुल कबीर खान ने कहा कि भारत सहित सभी अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से मिले शुभकामना संदेशों का स्वागत है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि नई सरकार बांग्लादेश के राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए भारत के साथ “मैत्रीपूर्ण और सम्मानजनक संबंध” मजबूत करना चाहती है. यह बयान उन अटकलों के बीच आया है, जिनमें आशंका जताई जा रही थी कि सत्ता परिवर्तन के बाद द्विपक्षीय संबंधों में तनाव आ सकता है.

क्या बोली बीएनपी?

वहीं दूसरी तरफ BNP की स्थायी समिति के सदस्य नजरुल इस्लाम खान ने प्रधानमंत्री मोदी की उस पहल की सराहना की, जिसमें उन्होंने बांग्लादेश की जनता के फैसले को स्वीकार करते हुए नई सरकार को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देशों के बीच पारस्परिक सम्मान बेहद जरूरी है और यही भावना दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ा सकती है. 

BNP नेतृत्व का मानना है कि तारिक रहमान के नेतृत्व में भारत और बांग्लादेश के बीच सहयोग के नए अवसर खुल सकते हैं, खासकर व्यापार, सीमा प्रबंधन और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर. ऐसे में ये कहा जा सकता है कि बीएनपी का पहला रिएक्शन भारत के साथ संबंधों को सुधारने की ओर से अहम कदम है. 

‘लोकतंत्र की जीत’ का संदेश

सयरुल कबीर खान ने इस चुनावी सफलता को 'लोकतंत्र की जीत' बताया. उनके अनुसार, यह परिणाम लंबे समय से चल रहे राजनीतिक संघर्ष और संगठनात्मक प्रयासों का फल है. हालांकि उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील भी की.

उन्होंने कहा कि यह जीत उन कार्यकर्ताओं और समर्थकों को समर्पित है, जिन्होंने आंदोलन के दौरान बलिदान दिए. पार्टी नेतृत्व ने अत्यधिक जश्न से बचने और सुधारात्मक एजेंडे पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया है.

अब आगे क्या?

BNP की यह जीत बांग्लादेश की राजनीति में नए संतुलन का संकेत देती है. भारत के साथ संबंधों को लेकर शुरुआती संकेत सकारात्मक हैं, लेकिन असली परीक्षा आने वाले महीनों में होगी. ऐसे में दोनों देश आपसी विश्वास और सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ते हैं, तो दक्षिण एशिया में स्थिरता और विकास की संभावनाएं और मजबूत हो सकती हैं. 

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