/newsnation/media/media_files/8k1dUlFV0k8e3piJEWRI.jpg)
ईरान की सरकारी मीडिया ने की खामेनेई की मौत की पुष्टि Photograph: (File)
US-Israel Attacks Iran: अमेरिका-इजरायल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है. यह जानकारी ईरान के कई सरकारी मीडिया हाउस ने दी है. बता दें कि अमेरिका और इजरायल द्वारा तेहरान पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद अली खामेनेई की मौत की घोषणा की गई थी. उसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी खामेनेई के मारे जाने का दावा किया. उसके बाद रविवार सुबह ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने बताया, "ईरान के सर्वोच्च नेता शहीद हो गए हैं."
खामेनेई के परिवार के कई सदस्यों के मारे जाने की खबर
बता दें कि इजरायल और अमेरिका ने शनिवार को ईरान पर हमला किया था. उसके बाद ईरान ने भी इजरायल समेत कई देशों में मिसाइलें दी. जिसके चलते कई देशों हवाई सेवाएं प्रभावित हो गई. अर्ध-सरकारी ईरानी समाचार एजेंसी फ़ार्स ने बताया कि इन हमलों में खामेनेई की बेटी, दामाद और पोते की भी मौत हो गई है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर से संबद्ध फ़ार्स ने यह भी बताया कि इस हमले में खामेनेई की बहू भी मारी गई है.
ट्रंप ने की खामेनेई की मौत की घोषणा
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने कहा कि 86 वर्षीय ईरानी नेता की मौत "ईरानी जनता के लिए अपने देश को वापस पाने का सबसे बड़ा मौका है." यह मौत अमेरिकी और इजरायली संयुक्त हवाई हमलों के बाद हुई है. जिसमें ईरानी सैन्य और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया गया था.
अमेरिकी कमांडर-इन-चीफ ने कहा कि अमेरिका ने 1989 से ईरान का नेतृत्व कर रहे खामेनेई को निशाना बनाने के लिए इजरायल के साथ मिलकर काम किया. ट्रंप की पोस्ट के तुरंत बाद, ईरानी सर्वोच्च नेता के X अकाउंट पर एक संदेश पोस्ट किया गया, जिससे ट्रंप के दावे पर संदेह पैदा हुआ. फारसी में लिखे गए इस पोस्ट में लिखा था: "नामी हैदर (उन पर शांति हो) के नाम पर."
अमेरिका ने कैसे रखी खामेनेई पर कैसे नज़र?
बता दें कि ट्रंप ने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल का सबसे बड़ा विदेश नीति का दांव खेलते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल का संयुक्त अभियान ईरान से दशकों से चले आ रहे खतरे को समाप्त करने और यह सुनिश्चित करने के लिए था कि वह परमाणु हथियार विकसित न कर सके. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पोस्ट में लिखा कि खुफिया और ट्रैकिंग सिस्टम खामेनेई के ठिकाने पर नज़र रख रहे थे. उन्होंने आगे कहा कि "वह या उनके साथ मारे गए अन्य नेता कुछ भी नहीं कर सकते थे."
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us