बांग्लादेश में एक और भारतीय की मौत, बीते डेढ़ साल से जेल में थे हिंदू नेता रमेशचंद्र

बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं की मौत का मामला सामने आ रहा है. इसी कड़ी में 8 फरवरी रविवार को भी एक बड़ी खबर सामने आई है. इसके मुताबिक हिंदू नेता रमेशचंद्र की बांग्लादेश में पुलिस कस्टडी के दौरान मौत हो गई.

बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं की मौत का मामला सामने आ रहा है. इसी कड़ी में 8 फरवरी रविवार को भी एक बड़ी खबर सामने आई है. इसके मुताबिक हिंदू नेता रमेशचंद्र की बांग्लादेश में पुलिस कस्टडी के दौरान मौत हो गई.

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Dheeraj Sharma
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Bangladesh Hindu Murder

बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं की मौत का मामला सामने आ रहा है. इसी कड़ी में 8 फरवरी रविवार को भी एक बड़ी खबर सामने आई है. इसके मुताबिक हिंदू नेता रमेशचंद्र की बांग्लादेश में पुलिस कस्टडी के दौरान मौत हो गई. बता दें कि रमेशचंद्र 86 वर्ष के थे और वह बीते डेढ़ साल से जेल में ही थे. मिली जानकारी के मुताबिक, अवामी लीग के वरिष्ठ नेता और पूर्व जल संसाधन मंत्री रमेश चंद्र सेन का शनिवार सुबह निधन हो गया. उनकी मौत ने न सिर्फ राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, बल्कि जेल में बंद पूर्व मंत्रियों और नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. 

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अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में मृत घोषित

बांग्लादेश के प्रमुख अखबार प्रथम आलो की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 9 बजे रमेश चंद्र सेन की तबीयत अचानक खराब हो गई. जेल प्रशासन के अनुसार, वे बेहोश हो गए थे, जिसके बाद उन्हें तुरंत दिनाजपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने सुबह 9:30 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया. सेन की उम्र 86 वर्ष थी और वे लंबे समय से कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे.

हालांकि, मामले से जुड़े कुछ लोगों का दावा है कि जेल में उन्हें पर्याप्त चिकित्सा देखभाल नहीं मिल रही थी, जिससे उनकी हालत और बिगड़ गई.

अगस्त 2024 में हुई थी गिरफ्तारी

रमेश चंद्र सेन को अगस्त 2024 में गिरफ्तार किया गया था, जब शेख हसीना सरकार का पतन हुआ था. उन पर हत्या समेत तीन गंभीर आरोप दर्ज किए गए थे. गिरफ्तारी के बाद उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसमें उनके हाथ रस्सी से बंधे दिखाई दे रहे थे. इस तस्वीर ने उस वक्त भी मानवाधिकार और हिरासत में व्यवहार को लेकर बहस छेड़ दी थी.

सरकार बदलने के बाद जहां कई अवामी लीग नेता देश छोड़कर चले गए या छिप गए, वहीं सेन ने अपने घर में ही रहने का फैसला किया था. उनका मानना था कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है और वे कानूनी प्रक्रिया का सामना करेंगे.

बांग्लादेश के प्रमुख हिंदू नेताओं में थे शामिल

रमेश चंद्र सेन बांग्लादेश के शीर्ष हिंदू अल्पसंख्यक नेताओं में गिने जाते थे. उनका जन्म 30 अप्रैल 1940 को ठाकुरगांव जिले के रुहिया यूनियन में हुआ था. वे ठाकुरगांव-1 सीट से पांच बार सांसद चुने गए। 2009 से 2014 तक वे शेख हसीना सरकार में जल संसाधन मंत्री रहे.

सेन पहली बार 1997 में उपचुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे. इसके बाद उन्होंने 2008, 2014, 2018 और 2024 के आम चुनावों में जीत दर्ज की थी.

सोशल मीडिया पर उठे गंभीर आरोप

रमेश चंद्र सेन की मौत के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. कई लोगों ने इसे सामान्य मौत मानने से इनकार किया है और हिरासत में लापरवाही या इससे भी गंभीर आरोप लगाए हैं. दावा किया जा रहा है कि अगस्त 2024 के बाद से हिरासत में बीमार पड़ने के बाद कम से कम पांच वरिष्ठ अवामी लीग नेताओं की मौत हो चुकी है.

ढाका निवासी प्रदीप चौधरी ने फेसबुक पर लिखा कि यह केवल बीमारी से हुई मौत नहीं है, बल्कि एक बड़े राजनीतिक दमन का हिस्सा है. हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

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