/newsnation/media/media_files/2026/02/20/marium-nawaz-2026-02-20-11-57-38.jpg)
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति लंबे समय से दबाव में है. विदेशी कर्ज़, महंगाई और बजट घाटे के बीच अब पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज एक नए विवाद के केंद्र में हैं. सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि पंजाब सरकार ने लगभग 10 अरब रुपये की कीमत वाला लग्ज़री Gulfstream G500 विमान खरीदा है. इस खबर के सामने आते ही राजनीतिक हलकों से लेकर आम जनता तक में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.
अमेरिकी रजिस्ट्रेशन वाला विमान, कीमत पर चर्चा
सूत्रों के अनुसार, अमेरिकन रजिस्ट्रेशन नंबर N144S वाला यह बिजनेस जेट अभी अमेरिकी रजिस्ट्रेशन पर दर्ज है और उसका पाकिस्तान में ट्रैवल रिकॉर्ड भी सामने आया है. हालांकि, स्थानीय स्तर पर इसकी आधिकारिक रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी होने की पुष्टि नहीं हुई है. बताया जा रहा है कि इस हाई-एंड विमान की अनुमानित कीमत करीब 10 अरब पाकिस्तानी रुपये है, जिसने वित्तीय प्राथमिकताओं को लेकर बहस छेड़ दी है.
विपक्ष का हमला, सोशल मीडिया पर आलोचना
विपक्षी दलों ने इस संभावित खरीद को 'फिजूलखर्ची' करार दिया है. नेताओं का कहना है कि आर्थिक संकट से जूझ रहे देश में लग्ज़री जेट खरीदना जनता की भावनाओं के खिलाफ है. सोशल मीडिया पर भी यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि जब आम लोग महंगाई और बेरोज़गारी से जूझ रहे हों, तब सरकारी खजाने से महंगे विमान की खरीद क्या उचित है?
आलोचकों का तर्क है कि इसी रकम से स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण योजनाओं को मजबूती दी जा सकती थी. कई यूजर्स ने यह भी लिखा कि 'पब्लिक का पैसा पब्लिक पर खर्च होना चाहिए.'
‘एयर पंजाब’ प्रोजेक्ट से जुड़ा मामला?
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पंजाब सरकार अपनी नई प्रांतीय एयरलाइन “एयर पंजाब” शुरू करने की तैयारी में है. शुरुआती चरण में सात विमान शामिल करने की योजना की खबरें हैं, और पहली उड़ान अप्रैल में शुरू करने का लक्ष्य बताया जा रहा है. माना जा रहा है कि कथित रूप से खरीदा गया यह विमान उसी व्यापक एविएशन योजना का हिस्सा हो सकता है.
सरकार का बचाव
पंजाब की सूचना मंत्री उज़मा बुख़ारी ने इन दावों पर सफाई देते हुए कहा कि यह खरीद किसी व्यक्तिगत उपयोग के लिए नहीं, बल्कि प्रस्तावित एयरलाइन के फ्लीट निर्माण की रणनीति का हिस्सा है. उनके मुताबिक, 'एयर पंजाब के लिए विभिन्न श्रेणियों के विमान शामिल किए जाएंगे. कुछ विमान खरीदे जाएंगे और कुछ लीज़ पर लिए जाएंगे, ताकि संचालन में लचीलापन बना रहे.'
हालांकि, सरकार की इस दलील के बावजूद पारदर्शिता और प्राथमिकताओं को लेकर बहस जारी है. अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार इस सौदे से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करेगी और क्या 'एयर पंजाब' परियोजना वास्तव में आर्थिक रूप से टिकाऊ साबित हो पाएगी.
यह भी पढ़ें - अगले 15 दिनों में ईरान पर हमला कर सकता है अमेरिका, ट्रंप ने दिया बड़ा संकेत
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us